बच्चों को पढ़ाती हूं जो कुछ सीखा अपने गुरु से, उनको भी सिखाती हूं कामयाब हो भारत के बच्चे, निश-दिन करती हूं जतन अच्छी शिक्षा सीखें बच्चे, संपन्न हो मेरा वतन यही सोच है यही […]

रागिनी गा दे या गाए बिना सुना दे भीतर है जो उबाल उसे बाहर निकलने दे। मन की जुल्फों को उलझने दे दिल की लगी को चारों ओर बिखरने दे। उसकी तपिश से बर्फ पिघलने […]

छोंड़ दो इस बुढ़िया को किसी वृद्धाश्रम में यह सुनकर मुझको थोड़ा गुस्सा आया एक दिन फिर तंग आकर पत्नी से वृद्ध माँ को आश्रम मैं छोंड़ आया रोया बहुत माँ से लिपटकर माँ का […]

जला दिया क्यों मुझको ओ साजन! ऐसी क्या गलती कर बैठी थी मैं तो अपने सास-ससुर की पूजा देवों सम करती थी ननद को अपनी बहन की तरह मानती थी देवर को भैया कहती थी […]

जख्म अपनों ने दिल पे हर बार कर दिये अपने ही शहर के बच्चों ने हम पर पथराव कर दिये दर्द उस दम बढ़ा मेरा ऐ हिन्दुस्तानियों ! जब हमारी कुर्बानी पर भी सियासत के […]

तुम कहते रहे और हम सुनते रहे आख़री वक्त तक सपने बुनते रहे, उठ गई डोली मेरे अरमानों की फिर भी हम तुम्हारे नाम की मेंहदी रचते रहे…

आज तुमने मुस्कुराकर बात की कुछ रोने वाली और कुछ हँसने वाली बात की, अच्छा लगा मुझको तुम्हारा झगड़ा करना भी खुशी इस बात की है कि तुमने हमसे बात की…

प्रकाश पर्व; गुरु पूर्णिमा ********************** आज है नानक जी का जन्मदिवस पावन बेला आई है प्रकाशपर्व है आज गुरु पूर्णिमा की सबको बधाई है जीवन में सबके आए खुशहाली नानक का सिर पर हाथ हो […]

कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव-दीपावली मनाते हैं सारी अप्सराएं नृत्य करती हैं इन्द्रदेव झूमते जाते हैं पूंछा मैंने माँ से एक दिन; क्यों देव दीपावला मनाई जाती है स्वर्ग सजाते हैं देवता धरती भी दीपों […]

तेरी खुली जुल्फों से मैं एक सवाल करता हूँ चाहत है तेरी कौन ये दरखास्त बारंबार करता हूँ | लगाए थे तूने आज तक कई पहरे सोच पर मेरे मनाया तुझे कई बार पर तू […]

किसानों ने ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ यह नारा सत्य कर दिखाया है पूरे देश को अपनी व्यथा से रूबरू करवाया है पर कुछ सियासत के घोंड़ो के कान पर जूं नहीं रेंगता है सारा देश […]

ईश्वर की भक्ति में छिपा है जीवन का आनंद शब्दों को ताकत देता है जैसे अलंकार और छंद उसके बिना इस जीवन में कुछ भी नहीं अस्तित्व हमारा मां बाप भी एक रूप है उनके […]

खेतों से निकलकर, राजधानी की सड़कों पर आ गया है किसान देखो कितना है परेशान दिल्ली की सर्दी में, खुद खाना बना रहा खुले अंबर के नीचे देखो रात बिता रहा सड़कों पर बैठा है […]

ना जाना बड़े मकानों पर ना जाना उनकी मुस्कानों पर, ना देख झुक जाना चमक सोने की ना प्रभाव में आना,सुन खनक सिक्कों की, जहां बुजुर्गों का हो सम्मान जहां माँ-बाप के चेहरों पर हो […]

संवत् 1526 29 नवंबर 1469 कार्तिक पूर्णिमा के दिन, पंजाब के तलवंडी गांव में गुरु नानक जी ने जन्म लिया जाना गया ये नाम ननकाना साहब नाम से, वर्तमान में है जो पाकिस्तान में सिख […]

हे राम तुम्हारी दुनिया में ये कैसा कलयुग आया है…!! ************************* कहीं जल रहे दीप तो देखो कहीं अंधेरा छाया है हे राम ! तुम्हारी दुनिया में ये कैसा कलयुग आया है…!! तज रहे प्राण […]

मेरे देश के किसान ! मत हो परेशान यह बुरा वक्त भी टल जाएगा… जिसने जो बोया है वो वैसा ही फल पायेगा सुना तो होगा तुमने भी; बुरा वक्त सिर्फ हमारे सब्र का इंतेहान […]

*कसम से* अब आप बिन रहा नहीं जाता किसी से कुछ कहा भी नहीं जाता हर पल आपकी कमी महसूस होती है हर दम अधूरी जमीं महसूस होती है कितनी भी मसरूफ़ रहूं, एक आहट […]

कार्तिक पूर्णिमा की देव-दिवाली आई है काशी में ख़ुशियां छाई हैं ज्योति-पर्व है देवों का, ये देवों की दिवाली है काशी के गंगा-घाट पर, सुर दीप जलाते हैं आकर स्वर्ग-लोक में छाई खुशहाली है आज […]

ऐ जाते हुए लम्हों ! मुझको भी साथ में ले लो तुम संग मैं भी मिल लूंगा अतीत के मीठे सपनों से खो जाऊंगा मैं फिर से बिखरी-बिखरी जुल्फों में उन खुशबू वाली सांसों में […]

नहीं भुलाई जाती वो पिया मिलन की रात उस रोज पहली बार की हमने आंखों से बात सुहाग सेज के फूलों ने जाने कैसा जादू किया बेचैन निगाहों में है बस उन्हीं का इंतजार जो […]

गिरी इमारत कौन मर गया टूट गया पुल जाने कौन तर गया हक़ मार कर किसी का ये बताओ कौन बन गया जिहादी विचारों से ईश्वर कैसे खुश हो गया धर्म परिवर्तन करने से ये […]

मेरी नन्ही परी तू हमसब की खुशी । खुश रहना हमेशा कहाँ कोई तेरे जैसा । हम सब हैं तुझसे मगन है तेरी खुशियों की लगन। तू निरन्तर आगे बढ़े हैं सफलता तेरे आगे रहे […]

कृषि हमारे वतन की रीढ़ कृषकों के श्रम से कौम का पेट भरता है । पर इनकी उपेक्षाओ से क्यूँ ना हमारे प्रतिनिधियो का दिल दहलता है । सङको पर इनका विरोध प्रदर्शन अन्नदाताओ की […]

सौ दफा मैं हारा बेशक जिद है फिर भी जीत की सरहद नहीं होती कोई परिंदों और प्रीत की। वीरेंद्र सेन प्रयागराज

भूली-बिसरी याद पुरानी, आज सुनाऊं एक कहानी एक था बंजारा एक युवरानी परवान चढ़ी थी प्रेम-कहानी प्रेम कहां छिपता है लेकिन ख़ुशबू सा वो फैल गया बात फैली राजा तक आई, राजा ने सुनी उसने […]

देखी दुनिया की खूबसूरती पर माँ सबसे खूबसूरत हो तुम मेरी सबसे अच्छी सखी और ममता की मूरत हो तुम जो मुख से निकले मेरे फौरन हाजिर कर देती हो मेरे चेहरे से ही तुम […]

वृक्ष कहे रोकर पृथ्वी से हे वसुधा ! मैं हूँ भयभीत बोया मुझको प्रेम से किसी ने रोपा और दिया आशीष पर जाने कब चले कटारी मेरे चौंड़े वक्षस्थल पर आज मैं देता हूँ छाया […]

कोरोना का बढ़ गया है, फ़िर से कहर हे प्रभु कर दो, अब तो महर सर्दी आ रही है, हमें डरा रही है सुना है सर्दी में बढ़ता है इसका कहर हे प्रभु कर दो […]

हमें मालूम होता अगर उनकी आदत है रूठ जाने की तो हम कभी परवाह ना करते इस जमाने की । तोड़कर दुनिया की सारी रस्में कसमें चले आते तेरे पहलू में दिल अपना रखने । […]

आज है बैकुंठ चतुर्दशी पावन बेला शुभ दिन है श्री हरि विष्णु और महादेव का आज साथ में पूजन है…. जो पूजे विष्णु संग शंकर वो जाये बैकुंठ धाम बैकुंठ चतुर्दशी पर प्रज्ञा का हरि […]

“हरिवंश राय बच्चन बर्थ डे स्पेशल” **************************** आज जन्मदिन है उनका जिसने लिखी थी मधुशाला वह कहते थे अपने परिचय में:- ‘मेरे लहू में है पचहत्तर प्रतिशत हाला’ नाम है उनका ‘हरिवंश राय बच्चन जन्म […]

भोजपुरी गीत- गुलजार गोरिया | कइलु काहे हमसे तू प्यार गोरीया | दगा देके काहे भइलू तू फरार गोरिया | प्यार वाली बतियातू हमसे काहे कइलू | दिल मे समाके काहे हमके भूल गइलू | […]

तन्हाई के आलम में घुट-घुटकर जब दर्द जवां होता है चाहत में खिले फूलों का पत्थर पर निशां होता है । टूट कर बिखरने से पहले यूं बाहों में समेट लेते हैं जैसे धरती को […]

एक तरफ कर्ज तो दूसरी तरफ महामारी करोना। कैसे जिये हम यही कहता है आज सारा ज़माना।। कमाते है हम तब ही दो वक्त की रोटी मिलती है। न काम है न पैसा है अगर […]

सोनू एक प्यारा बच्चा था, मन का बिल्कुल सच्चा था चॉकलेट खाने का मन करता था सोनू का पर मम्मी से वो डरता था इसीलिए सोनू चॉकलेट की, विंडो शॉपिंग करता था । दूर-दूर से […]

क्यों दिल्ली आज हिल रही क्यों इतना डर रही वो ह़क लेने आ रहे जान की बाजी लगा रहे राह में कितने रोड़े अटकाओगे अब रोक नहीं पाओगे जितनी बंदिशे लगाओगे संघर्ष का उग्र रूप […]

क्या खराबी है कि मियां शराबी है । शराबी की बीबी हूँ इसमें भी नवाबी है।। रोज पकौरे और सलाद दिखते घर में हो आबाद नल में पानी हो न बेशक़ मेज सजा शर्बते गुलाबी […]

यादों के पंख फैलाकर सुनहरी रात है आई उन्हें भी प्यार है हमसे सुनने में ये बात है आई पैर धरती पे ना लगते उड़ गई आसमां में मैं जीते जी प्रज्ञा’ देखो स्वर्ग में […]

थक गई हूँ अब रोते-रोते, तन्हा राहों पर चलते-चलते इन बिखरी साँसों की अरज बस है यही तुमसे मिलन जब भी हमारा हो ना कोई गिला-शिकवा हो ‘प्रेम के उपनिषद्’ पर बस नाम अंकित तुम्हारा […]

आज अन्नदाता किसान, राहों पर है परेशान देश को अन्न देता जो, भारत माँ की जो है शान क्यूं आना पड़ा उसे राहों पर, ये बात कर रही है हैरान अपने एक हक़ की खातिर, […]

पति की गलती पुत्र की गलती गलती करे चाहे भाई-बाप। हर गलती पर रोए नारी आखिर ये है कैसा संताप।। अपराध नहीं करती कोई एक अपराधी की बन रहती। बस यही एक अपराध सदा अँखियाँ […]

यह न कहो अवरोध खड़े हैं, कैसे मंजिल को पाऊँ मैं, जहां-तहां बाधाएं बैठी कैसे कदम उठाऊँ मैं। यही निराशा खुद बाधा है जो आगे बढ़ने से पहले डगमग कर देती है पग को चाहे […]

नासमझ हैं वो लोग जो तुझे शराब और पीने वाले को शराबी कहकर बदनाम करते हैं | तू तो वो अमृत है जिसे हलक से नीचे उतार कर इंसान बड़े से बड़ा गम भी भुला […]

“२६-११ हमले पर भावभीनी श्रद्धांजलि” ******************************* याद है वो २६-११ हमले की घटना जिसमें हमारे जवान शहीद हुए थे कैसे भूलेंगेे हम वो दिन जब हमारे सैनिक हमसे दूर हुए थे उन वीरों को प्रज्ञा’ […]

आज संविधान दिवस है हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है… २६ नवम्बर २०१५ से डॉ० भीमराव अम्बेडकर के १२५वें जन्म दिवस से संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है… अम्बेडर जी […]