नजदीकियों का पता नहीं दूरियां ऐसे लिपटी है मुझसे रोना था फिर भी कैसे सबर होता उस वक्त से || बीत जाता है वक्त खर्च जाता है दर्द कैसे कीमत लगाउ में उधार है मेरा […]

My eyes are so tired, they are so deprived of dopamine and cannot stop the tears, My heartbeat is so hyperventilating that I cannot breathe, I have never faced a flood like this before I […]

चढ़ती हुई धुंधलाहट, बादलों में छुपता सूरज, उतरता हुआ नशा शराब का और चढ़ता हुआ नशा तुम्हारा इन तारो को जब मैने चांद के सामने टिमटिमाते हुए शर्माता देखा, शर्म के मारे मैने आंखें बंद […]

In the quiet corners of my soul, Where whispers linger, and shadows stroll, I find solace in the embrace of silence, A refuge from the world’s relentless violence. Solitude, a companion in the deepest night, […]

अपनी इच्छाओं को दबाते चले गए मेरे सपनो को अपना बनाते चले गए मुझे कभी अहसास भी नही कराया कि वो अपने ख्वाब छुपाते चले गए मेरे ख्वाबों को पंख दिए उड़ने के नए रंग […]

कविताऐं मुझे पढ़तीं हैं या मैं कविताओं को यह आज तक समझ नहीं आया क्यूं मेरा किरदार किसे कहानी को न भाया। कभी रुकी कलम तो कभी पेज भर आया मैंने जितना लिखना चाहा कभी […]

Ruined potential through addictions Fake promises of happiness led to my downfall Wounds deeper than Mariana Trench, guess there’s no fix Hope you take these lessons to benefit thyself rather than go south Be the […]

वह पन्नों को पलटाके फिर एक बार देखा, जो सच्चाई से वाक़िफ न हुई थी। अश्क के उन अक्षरों को पढ़ा, जिन्हें तस्सली फिकी मुस्कान से मिली थी। कसमों से भरी दास्तां बयां करती उस […]

यूँ तो रोज़ खडी होती हु उस सूखे किनारे पर तेरा और उस धुप ढलने का इंतज़ार करती हु इंतज़ार करती हु मेरी उस परछाई का जो धुप ढल जाने के बाद कोई दूर देश […]

मुझे ही नज़र मे बसाती है दुनिया नज़र भी मझी से चुराती है दुनिया ये दुनिया मेरे साथ चलती तो कैसे कदम जब ना मुझसे मिलाती है दुनिया ना देती है उंगली मुझे थामने ये […]

अक्सर लम्बी बातें होती, पर कभी उनमें वह बात नहीं थी! खामोशियोंने आज जो काम किया है बिना समझाए सब समझ आ गया है हालाकि सही है या गलत उसपर अभी भी पड़दा है! आखों […]

हँसी भी क्या चीज है जनाब कभी खुशी के मौके पर आ जाती है तो कभी रोते हुए । कभी खुशियोंका का पैगाम लाती है तो कभी पछतावे की बारिश लिए ।

क्या हुआ जो उम्र की एक शाम ढल गई, दिल में अभी उम्मीदों के सूरज हज़ार हैं। बगिया उजड़ गई जो आँधी तूफान से, नए बीज अंकुरण के लिए फिर तैयार है। नाकामियों के डर […]

काफी दूर चले आए थे , रिश्तों को निभाते निभाते , खबर मिली की सब कुशल है , मगर खुद को खो दिया सबको पाते पाते । इंतजार मत करना की मैं कब आऊंगा , […]

Slowly Miles away, lost ways, Beating hearts finding tracks, Curiosity just buries, Slowly, Slowly….. Discovering miseries Hope of miracles to happen Phoenix giving its warmest chills; Deep within a sound struggles And the words rooted […]