मैं हमेशा दुःख से कतराती रही, इसे दुत्कारती रही मगर ये दुःख हमेशा ही मिला है मुझसे बाहें पसारे…!! मैं भटकती रही चेहरे दर चेहरे सुख की तलाश में… और वो हमेशा रहा एक परछाई […]
मैं हमेशा दुःख से कतराती रही, इसे दुत्कारती रही मगर ये दुःख हमेशा ही मिला है मुझसे बाहें पसारे…!! मैं भटकती रही चेहरे दर चेहरे सुख की तलाश में… और वो हमेशा रहा एक परछाई […]
माँ मुझे बुला लो कुछ दिन अपने पास यहाँ कुछ भी अच्छा नहीं लगता प्यार तो सब करते हैं पर फिर भी कुछ नहीं जचता गोल-गोल रोटियां बनाकर तू मुझे जबरदस्ती खिलाती थी बुरा लगता […]
न होती हर रात अमावस की न होती हर रोज दिवाली है। जब दीप जले दिल का दिलबर समझो उस रोज दिवाली है।।
कविता- डॉक्टर साहब ——————————- देखिए डॉक्टर साहब जी, बेटा क्यों अब रोता हैं| रात अंधेरी काले बादल, रिमझिम बरसा पानी था, हाय पिताजी प्रेम तुम्हारा, कितना अद्भुत अच्छा था, देखा हमकों रोतें जैसे, रख कंधे […]
अब चलें काफी रात हो गई । आपसे मेरी दो बातें हो गई।। वक्त और ठंड के तकाजा है। चलो आप से दीदार तो हो गई।।
बड़ी ठण्ड है माँ ! बर्फ पड़ रही है तू क्यों आग-सी तप रही है ? बाहर इतनी धुंध छाई है माँ मेरी जान पर बन आई है लगाकर छाती से माँ बोली आ बेटा […]
प्यार दूर की बात सम्मान कभी सपने में भी ना सोचूं तुम तो देखने से भी कतराए देख कर नज़र फेर ली फिर कहते हो मेरी दुआओं मे बड़ी ताकत हैं जल्दी कबूल हो जाती […]
गरीब के घर में झांकीए कैसे मनाते है निर्धन दीवाली। मन में उमंगों की पटाखे फोर कर निर्धन ऐसे मनाते है दीवाली ।। दीया है बाती है मगर तेल नहीं लाला भी आज उधार देगा […]
हम सब दीप तो जलायेंगे, बाहरी अंधेर को दूर करने के लिए। मगर हम वो दीप कब जलायेंगे मन में छिपे अंधेर को दूर करने के लिए।। हम हर वर्ष बड़ी उल्लास के साथ घर […]
दिल में छुपा एहसास हो तुम ऱब से भी ज्यादा खास हो तुम.. हमारे बीच है मीलों तक की दूरी पर साँसों से भी ज्यादा पास हो तुम.. कड़वा है ये सारा जग हमदम पर […]
कविता-खिलौना मत बनाना ————————————– हे कुम्हार, मत बना खिलौना हमें, जमाना खेलें , तोड़ के, मिटा दे मेरी हस्ती को, बेचे किसी बाजार में, कोई खरीदें मुझे, बाजार की सबसे सस्ती वस्तु समझ, मिट्टी से […]
बच्चों का मंगल मनाती, आई अहोई-अष्टमी चांदी के मनकों की, मां, मंजुल माला पहनती मां दिन भर व्रत है करती चांदी के मोती-मनके पिरोकर बच्चों की शुभ-कामना करती हलवा-पूरी का भोग बनाकर, अहोई माता की […]
जीवन में बुलन्दियों को छूना है अगर कुछ कर दिखाने का दिल में,जुनून होना चाहिए दामन को रखिए दूर ,दलदलों से पाप की शालीनता और स्वच्छता को ,जीवन में होना चाहिए || अधिकार गर समान […]
सात रंग की किरणें लेकर, सूर्य-देव का रथ आया सूर्य-रश्मि की सौगात लेकर, रौशन करता पथ लाया नई आशाएं लाता है प्रतिदिन, जीवन कुछ नहीं,आशा के बिन आशा पर ही दुनियां अडिग है, ये सुखद […]
अच्छाईं भाती है फिर भी जुबां गलत बोल जाती है ये कैसी मानव जाति है सामान तो हरदम है पास जब हो कुछ बहुत खास तभी तो जरूरत आती है अंतर तो सर झुकाता है […]
मार्गदर्शन से तेरे होते सब काम हो जब थकान तुझ में विश्राम हे प्रभु प्रीतम हे दया निधान आनंदित रहूं सदा करूं तेरा ध्यान सुबह रहे तेरा नमन कर्म हो तेरा सिमरन तुझ से विलग […]
कहीं दीप जले तो कहीं , गरीब के घर में चूल्हा न जले। हम खुशियाँ मनाते रहे और वो, अंधेरे में माचिस खोजते रहे।। कहीं दीपावली की धूम तो कहीं पापी पेट में भूख की […]
जब तन्हाइयों में भी आराम आने लगे जब ख्वाब खुली आँखों का आसमान पाने लगे दिल की जमीं जब भीगने लगे आँसुओं से चाँदनी रात में जब अरमान जागने लगे तब समझ लेना चाहिए कि […]
नये कपड़े, नयी उमंग, पटाखे और डिब्बे की मिठाई । गरीबी में पल रहे लाल के किस्मत में कहाँ है भाई ।। दीप जला कर खेल कूद कर। अपनी शौक को खुद में ही, कभी […]
अश्क जो बहे नयनों से लुढ़के गालों पे मेरे किसी ने ही देखे अनदेखे ही हुऐ अश्क जो अटके गले में गटके हर सांस में ना देखे किसी ने अनदेखे ही रहे तोड़े मुझे हर […]
रात रूपहली रजत छिड़कते, झिलमिल तारों संग आ गए चंद्र-किशोर देख ऐसी छटा अम्बर पर, किसका मन ना हो विभोर एकान्त रात्रि, शान्त पवन है, कुछ शान्त-अशान्त सा,मेरा मन है रात रूपहली, प्रतीक्षा में पिया […]
हर बात की आखिर इक हद होती है सच लगता था कभी झूठ आज साबित हुआ अँधेरे में थी जिंदगी उजाले पर काबिज हुआ भविष्य देखने का दावा अब तो खोखला पड़ा जिसकी हथेली थी […]
कविता- उजाला घर मे हो | मन मे जले दीप उजाला हर घर मे हो | अंधेरा न कही जगमग हर शहर मे हो | चमके ललाट राष्ट्र रहे चमक तिरंगे की | सीमा बम […]
अशोक वाटिका में कितना शोक ! माता सीता का दुःख देख हनुमान सके ना खुद को रोंक माता सीता के अग्नि मांगने पर डाली मुद्रिका हनुमान ने राम की महिमा से अशोक वाटिका में गुञ्जन […]
हम आदतों से अब बाज आने लगे तुमसे दूरियां बनाने लगे रोया करते थे रात भर तुम्हें याद करते हुए अब हम अपने आँसू छुपाने लगे सिसकियां अब कमरे में ही बंद रहती हैं बाहर […]
वो शाम याद है तुम्हें ! तुम बैठे थे बस स्टाप पर मैं वहाँ आई और तुम चले गये एक बार भी मुड़कर नहीं देखा तुमने मुझे ! मैं तुम्हारी इस बेरुखी से नाराज हो […]
कोरोना ने छीन ली जान कितना बेबस है इन्सान | (१) घूमा रहा सड़कों पर देखो अपने घर के अन्दर देखो संकट में हैं प्राण | कितना बेबस है इन्सान || (२) अस्त हुआ प्रगति […]
हम दीवाली क्या मनाए दीवाली तो करोना ले गए। थी जुस्तजू मुझे भी मगर साल २०२० हमें बर्बाद कर गए।। हमे क्या पता था देश में कभी ऐसे भी दिन आयेंगे। बुरे वक्त पे रिश्ते […]
महफ़िलों से डरने लगे हम, कोरोना का जबसे हुआ है सितम महकती थी जिन लोगों से ज़िन्दगी, उनसे अब मिलना हुआ है कम कम क्या, समझो बंद ही हो गया, कोरोना तेरा बहुत सितम हो […]
तुम्हारी कविता प्रोफाइल पर पढ़ता हूँ.. जब पढ़ता हूँ जी उठता हूँ, यूं तो सहमा सहमा सा रहता हूँ.. पर तुम्हारे लिए हमेशा लड़ पड़ता हूँ जाने क्या है जानता नहीं हूं मैं, पर जो […]
तुम रहती हो तो सावन पर बहार रहती है.. तुम्हारे दम से ही तो सावन की महफिल सजती है.. सूना हो जाता है सावन आ जाती है पतझड़, जो तुम एक दिन भी नहीं आती […]
वो खिड़की भले ही बंद रहती है पर, महसूस तुम्हें ही करता हूँ.. तुम्हारे सो जाने के बाद भी, तुम्हारी याद में देर तक जगता हूँ.. सोचता यही हूँ देखकर चाँद की ओर, मेरा चाँद […]
एक ही तो खिड़की थी जिससे दीदार हो जाता था खिड़की खोलने-बंद करने में ही इजहार हो जाता था आज वो भी बंद कर दी तुमने.! अब वो हंसी नजारे कैसे होंगे ? भेजा करते […]
कभी कभी दु:ख को गले लगा कर भी जीना पड़ता है। तभी तो सुख से ज्यादा इस जहाँ में दुःख की महता है।। जब तक इंसान के जीवन के धड़कन की डोर चलती है। तब […]
नन्हीं कलियों से आस लगाना दुनियां की पुरानी आदत है तनहा मुंह मियां मिट्ठू रहकर खुशफहमी पालना आदत है संगत से खुद को बचाते जाना इंसानों की अब तो फितरत है कंधा से कंधा मिलाते […]
याद आई मुझे वो घड़ी मेरी बहन की शादी थी बुआ की वो प्यारी लाडली थी मैं गई थी थोड़ा देर से ही जाकर जल्दी तैयार हुई जयमाला की बेला थी सारी बहनों को संग […]
भाभी के पीछे-पीछे, देवर डोल रहा है भाभी-भाभी, कहता-कहता, देखो क्या बोल रहा है बोला, भाभी तुम सबसे सुन्दर भाभी बोली काम बताओ, यूं ना मुझे मक्खन लगाओ देवर थोड़ा शरमाया,थोड़ा सा वो घबराया बोला, […]
साजन गये परदेश वो ना आए सखी… मैंने राह देखी खूब वो ना आए सखी… चूड़ियां भी खनकाई पायल भी झनकाई सुंदरवाली सेल्फी भी भेजी पर वो ना आए सखी… व्रत रखा मैंने उनकी खातिर […]
चाँद ने गोद में जाकर हिमालय की बिछाया बिस्तर सोने के लिए तभी एक टिमटिमाता तारा आकर रोने लगा कहने लगा ऐ चाँद ! आज कोई तेरा इन्तजार कर रहा है भूखा प्यासा रहकर उपवास […]
किसने कहा कि, बेटी पराई है ये वो शख्सियत है, इस दुनियां की जो मायके और ससुराल, दोनों जगह ही छाई है ससुराल में सब कहें, क्या रौनक लगी है, देखो, घर में बहू आई […]
झुकता है फलों से लदा पेड़ सदा, सूखा पेड़ तो अकड़ता ही है, अकड़ उसकी ना, किसी काम की ना कोई फल है, ना छाया पथिक को, आराम की.. *****✍️गीता
ऐ चाँद भला क्यों इतरा रहे हो जल्दी छत पर आओ ना। भूखी-प्यासी प्यारी मेरी कब से बाट निहारे आओ ना।। कितनी सज-धज के आई अब तो यूँ इतराओ ना। जल भी है मिष्ठान्न भी […]
कविता- चाय हटा लो ————————— माफी देकर, गले लगा लो, दुख होता हैं, होठ से अपने, चाय हटा लो| जो हक मेरा हैं, कुल्हड़ क्यूं छीन रहा, देख देख रोते हैं, कुल्हड़ मन माना, होठों […]
करवा पूजन चली सखी संग, देखो आज सुहागन आज चांद की राह देखती, पहन के चूड़ा, कंगन धूप,दीप से रौशन करती घर, गौरी मां से, मांगे साजन का साथ चांद देख , साजन की करे […]
चाँद को देखा और छुप गई अपनी चादर में प्रज्ञा पीपल की टहनी को हटाकर चाँद ने झाँका जब मुझको मैं भोली फिर थोड़ा मुसकाई मुझको जब आई लज्जा करवाचौथ का व्रत रखकर मैं चाँद […]
हाथों में मेंहदी खूब रचाई है लाल चूनर से सिर की शोभा बढ़ाई है शादी का लहंगा-चूड़ी पहनकर माथे पर सिंदूर की लम्बी रेखा बनाई है चमकती बिंदी और लाली से घर में फैली है […]
कविता- गुड मॉर्निंग भेजा ———————————- गुड मॉर्निंग भेजा, हमकों एकSMS मिला, क्षण भर हम ठहर गए थें, हाय कोरोना तेरे कारण भूल गए थें, अपने सभी बिछड़ गए थें, जब से आया कोरोना हैं, याद […]
आज सजूं साजन की खातिर, ओढ़ के सुर्ख चुनरिया हाथों में मेंहदी पिया नाम की, पहनूं लाल चूड़ियां माथे पर बिंदी चमके सदा, साजन तेरे नाम की तेरी हो गई साजन मैं तो, जबसे बाहें […]
आज ,अखण्ड सौभाग्यवती का माँ उमा से है वर पाना ऐ चाँद, तुम जल्दी आ जाना || आज पिया के लिये है सजना संवरना अमर रहे सदा मेरा सजना ऐसा वर तुम देते जाना ऐ […]
उठ जा लाडो सरगी लेकर तेरी सासु अम्मा आई है। हाथ दिखाओ मेंहदीवाली कित प्रीत पिया की पाई है।। पहिला रंग पिया का प्यार । दूजा सास-ससुर का लाड़।। तीजे गण गौरी की भक्ति बीच […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.