दिल की बात

मैं अल्फ़ाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ,
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ,
कब पूछा मैने की क्यूं दूर हो मुझसे,
मैं दिल रखता हूँ तेरे हलात समझता हूँ…!

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10 Comments

  1. Anjali Gupta - December 10, 2015, 12:59 pm

    Awesome poetry…nice 🙂

  2. Panna - December 10, 2015, 1:02 pm

    Nice liknes

  3. पंकजोम " प्रेम " - December 10, 2015, 3:51 pm

    Waah waah….bht khoobb

  4. Ankit Bhadouria - December 10, 2015, 5:41 pm

    bht khoob

  5. Kapil Singh - December 10, 2015, 6:42 pm

    nice one

  6. anupriya sharma - December 10, 2015, 7:02 pm

    nice 🙂

  7. Komal Nirala - December 10, 2015, 8:33 pm

    waah..! nice lines.. 🙂

  8. KAVI NAVIN GOUD - December 11, 2015, 11:18 am

    thank u all dear friends

  9. KAVI NAVIN GOUD - July 10, 2016, 11:47 am

    thank you all dearest my friends

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