महक

विक्स के इन्हेलर से ली हुई
एक लंबी श्वास,
ज्यों श्वासनली के बंध दरवाजे खोल देती है!
तुम्हारे पुराने कपड़ो में से आती महक,
दिल के उन बंध कमरो के ताले तोड़ कर,
तुम्हारी यादो को
आँखों से बहा देती है |

-Bhargav Patel (अनवरत)

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6 Comments

  1. सुरेश - January 19, 2017, 3:50 pm

    अरे वाह

  2. Akanksha Malhotra - January 19, 2017, 4:35 pm

    are vaah 🙂

  3. देव कुमार - January 19, 2017, 5:38 pm

    areee waaaahhh

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