अब बस खामोशी है जो अजीज है

चंद सिक्के क्या खत्म हुये
रुखसत हो गये जो मेरे करीब थे
तनहाई है जो साथ रहती है
अब बस खामोशी है जो अजीज है


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14 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - June 19, 2020, 11:55 am

    वाह

  2. Pragya Shukla - June 19, 2020, 12:03 pm

    👌

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - June 19, 2020, 2:47 pm

    बहुत सुंदर थोड़ा वर्तनी जांच लें

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 19, 2020, 7:12 pm

    Nice

  5. H K - July 8, 2020, 7:05 am

    Nice

  6. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:28 pm

    👌

  7. Geeta kumari - July 15, 2020, 6:36 pm

    बहुत खूब 👏👏

  8. प्रतिमा चौधरी - September 7, 2020, 3:11 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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