इल्म

इल्म भी नहीं हुआ तेरे जाने का
आज भी कही बसती हो मेरे दिल मे

इन बारिस की शामों मे
अक्सर याद आती हो

हा तेरा घरौंदा छोड़ उड़ गई
पर देखो आज भी संभाल रखा हु इस दिल मे तुझे


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13 Comments

  1. Suman Kumari - August 4, 2020, 10:43 pm

    सुन्दर

  2. Satish Pandey - August 5, 2020, 7:37 am

    वाह वाह

  3. vivek singhal - August 5, 2020, 9:25 am

    Waah

  4. Geeta kumari - August 5, 2020, 2:18 pm

    बहुत ख़ूब

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 5, 2020, 6:54 pm

    वाह वाह

  6. मोहन सिंह मानुष - August 5, 2020, 10:26 pm

    बहुत ही उम्दा

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