ओ लेखनी ! सुन बात मेरी ( हाईकु विधा से अलंकृत )

जापानी विधा:- हाईकु कविता
—————————————
**************************
—————————————-

ओ लेखनी ! सुन बात मेरी
लिख अब दीन हीनों का दर्द तू
बढ़ चल कर्म पथ पर…

रह अडिग और बन सबल
भेद सारे खोल दे मन के तू
भाव सारे बोल दे अब…

पथिक को रस्ता दिखा कर
युवा को दिला कर जोश – उत्साह भर
सच सदा तू लिखती रहे…

ओ लेखनी ! सुन बात मेरी
निश दिन तू तप कर भाव में
निखरती रहे यह दुआ है…


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

6 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 8, 2021, 9:22 am

    सुंदर

  2. Geeta kumari - April 8, 2021, 3:46 pm

    ओ लेखनी ! सुन बात मेरी
    लिख अब दीन हीनों का दर्द तू
    __________ दीन जनों का दर्द लिखने को आतुर प्रज्ञा जी की बहुत सुंदर कविता

    • Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:00 pm

      धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ

  3. Ajay Shukla - April 9, 2021, 9:54 am

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति

Leave a Reply