“कुछ नया तो नहीं”

अहवाल ए मोहब्बत की समझ हम में भी हैं तनिक सी ,
इश्क कर बेवफाई को बदनाम करना कुछ नया तो नहीं ,

यूँ मौत के वक़्त भी क्या तगाफ़ुल कर के जाओगे,
हर रात का ही हो अब अंजाम जुदाई कुछ नया तो नहीं ,

क्यों गैर मुंसिफों के हवाले छोड़ गये हो फासलों के फैसले,
दुनिया वाले करेंगे महरूम तिरी यादों से कुछ नया तो नहीं ,

तेरी जानिब चले हो इश्क के सागिर्द पहली दफा़ तो नहीं,
तेरे हाथों ही हो मेरे जज्बातों का कत्ल कुछ नया तो नहीं,

मैं गिनता रहूँ दिन तुझसे जुदाई के सोहबत में तेरी,
और तू आये ना इन्तजार के बाद कुछ नया तो नहीं,

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. तू आये ना इन्तजार के बाद कुछ नया तो नहीं ..neya to nehi..par armaano ka yeh falsaafa neya zarooor hai….beautifully crafted Ushesh bhai

New Report

Close