कुछ हल जरूर होगा

भारी ठंड है
वे सिंधु बॉर्डर पर
धरने पर हैं,
कई बुजुर्ग किसान
धरने पर हैं।
दस वर्ष के बच्चे तक
धरने पर हैं।
ठिठुरन है
लेकिन वे अड़िग
धरने पर हैं।
देश की सत्ता
अपनी संवेदनशीलता
और कुशलता का
परिचय दे,
मामले को तत्परता से
सुलझा ले।
कुछ हल जरूर होगा,
हल निकाल कर
अपनी काबिलियत का
परिचय दे।
दुनिया हंस रही है
हँसेगी ही,
इन उलझनों से
अर्थव्यवस्था फँसेगी ही।
जितना लंबा खिंचेगा
आंदोलन,
उतना आर्थिक नुकसान होगा,
देश पीछे होगा।
हल तो निकलेगा ही
लेकिन समय पर
हल निकले तो
नुकसान भी कम रहेगा
धरने पर बैठे उन बुजुर्ग का
मान-सम्मान भी रहेगा।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

Responses

  1. किसानों के आन्दोलन के बारे मैं विचार विमर्श करती हुई बहुत सुंदर और सटीक रचना

New Report

Close