जोकर

पहने सर पर नीली टोपी
उछलता -कूदता आता है
कभी इधर तो कभी उधर
नाचता और नचाता है।

भर अपने थैले में टॉफी
बिस्कुट सबको लाता है
हाथ मिलाकर बच्चों से एक
जादू की झप्पी लेता है।

रोते बच्चे को झट से अपनी
बातों में वो लेता है
मुँह फुला कर तोंद दिखाकर
खुशियाँ उसको देता है।

बच्चों के संग मिलजुल कर वो
खेलता और खिलाता है
चंद पैसो के खातिर वो ये
सब कुछ हँस कर करता है

हज़ारों गमों के समुन्दर को वो
ज़ाहिर कभी न करता है
कहलाता अपने आप को जोकर
खुशियाँ हर- क्षण बिखेरता है।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

By Neha

Related Posts

4 Comments

  1. Mithilesh Rai - May 28, 2018, 3:18 pm

    बहुत खूब

  2. राही अंजाना - May 30, 2018, 7:55 am

    Shi ji

Leave a Reply