तेरे तस्वीर

तेरे तस्वीर को देखे अरसा हो गया
इस तपते रेगिस्तान मे पानी गिरने पर भी तरसा रह गया

तेरे बिना बारिश की बूदे बेगाना सा लागे है
ठंडी परी शाम मे कम्बल की गर्माहट सी पाने को तरसा है दिल

किस बात की नाराज़गी खुदा जाने
छोटी सी बात मे बात बंद करना क्या ठीक है
बात ही ना हो तोह सुलह कैसे होंगी


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14 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - September 13, 2020, 2:04 pm

    अतिसुंदर

  2. Geeta kumari - September 13, 2020, 2:20 pm

    Nice lines

  3. Satish Pandey - September 13, 2020, 2:32 pm

    तपते रेगिस्तान मे पानी गिरने पर भी तरसा रह गया
    बहुत खूब, सुन्दर पंक्तियाँ,
    छोटी सी बात मे बात बंद करना क्या ठीक है में आनुप्रासिक छटा आकर्षित कर रही है।
    वाह

  4. Anuj Kaushik - September 13, 2020, 2:33 pm

    Nice

  5. Pragya Shukla - September 13, 2020, 3:44 pm

    Nice line

  6. Antariksha Saha - September 13, 2020, 5:15 pm

    Dhnyawad

  7. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 13, 2020, 5:17 pm

    अतिसुंदर

  8. Suman Kumari - September 13, 2020, 5:23 pm

    सुन्दर

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