दो गज़ ज़मीन

मै उनके गली में दो गज़ ज़मीन मांगी
एक आशियाना बनाने को
उसने इतनी बड़ी शर्त रखी कि ,
मैं दंग रह गया
सोचने लगा मेरी इतनी औकात कहाँ
जो उनकी ख्वाईश को हम पुरा कर सके
मै वापस वहीं चला गया जहाँ
आशिक़ गम की समंदर में
डुबकी पे डुबकी आज भी लगा रहे है।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

#‎_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है‬

‪#‎_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है‬ _______**********************__________ कुछ अजीब सा माहौल हो चला है, मेरा “वाड्रफनगर” अब बदल चला है…. ढूंढता हूँ उन परिंदों को,जो बैठते थे कभी घरों के…

Responses

New Report

Close