दो शेर

नजर मिला के मेरे हमराज़ वहाँ छोड़ा ।
देखने आते हैं दो गुलाब जहाँ तालकटोरा।।
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इश्क़ -ए-राहत के दवा लाया जब इन्दौर से।
उतरने लगा तब इश्क़ -ए- जुनून मेरे सिर से।।


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3 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 25, 2020, 7:51 am

    Nice

  2. Dhruv kumar - April 26, 2020, 6:24 am

    Nyc

  3. Abhishek kumar - May 10, 2020, 10:26 pm

    सुंदर

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