पछताएगे नहीं

मुश्किलों का दौर है घबराए गे नहीं घर के बाहर अभी जाएगे नहीं
छुआ छूत की बीमारी आई है
सावधान रहेगे तो पछताएगे नहीं

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सावधान हों

“**सावधान हों”** ****** सावधान होकर रहें , विपदा- शूली राह । आतुरता करती सदा , जीवन भर गुमराह।। अजी सब सावधान हों , नहीं व्यवधान…

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