पहरेदार

अब लोगों में वो पहले जैसी बात कहाँ है,
दिल है पर वो पहले जैसे जज़्बात कहाँ है,

आखिर है कौन यहाँ जो गुनेहगार नहीं है,
सच में सच वो पहले जैसे पहरेदार कहाँ है,

सर के साथ जो दिल झुकाके मिलता था,
महफ़िल में वो पहले जैसी शुरुवात कहाँ है।।

राही अंजाना


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13 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - November 5, 2019, 12:10 pm

    Bhut khub

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 5, 2019, 1:34 pm

    Good

  3. देवेश साखरे 'देव' - November 5, 2019, 2:06 pm

    वाह

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - November 5, 2019, 3:58 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. Poonam singh - November 6, 2019, 3:44 pm

    Nice

  6. nitu kandera - November 8, 2019, 9:18 am

    Wah

  7. Neha - November 10, 2019, 2:33 pm

    Waah

  8. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:43 pm

    वाह वाह

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