बच्चों में हैं भगवान

जब बच्चों में हैं भगवान,
फिर क्यों मम्मी पापा खींचे कान
क्योंकि कभी-कभी भगवान,
शैतानी करने लगते हैं,
बन करके नादान
शोर मचाते हैं दिनभर,
चुप हो जाएं तो है इनका एहसान
अपनी मन मर्जी से सोएं-खाएं,
जब मन हो तब उधम मचाएं।
हाथ जुड़वा कर ही दम लेते,
ये तो हैं सचमुच भगवान।।
_____✍️गीता


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8 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 16, 2021, 7:40 pm

    अतिसुंदर भाव

  2. Piyush Joshi - January 16, 2021, 7:49 pm

    बहुत सुंदर

  3. Suman Kumari - January 16, 2021, 9:55 pm

    अति सुंदर अभिव्यक्ति

  4. Satish Pandey - January 16, 2021, 10:17 pm

    हाथ जुड़वा कर ही दम लेते,
    ये तो हैं सचमुच भगवान।।
    — बहुत उम्दा प्रस्तुति

    • Geeta kumari - January 17, 2021, 9:26 am

      समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

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