बहाना

उसको समझना बड़ा मुश्किल होने लगा,
कोई भी बहाना न उस पर चलने लगा,
छोटी से न जाने कब बड़ी हुई मेरी बेटी,
के अब चिंता में ये बाप हर दम डरने लगा।।
राही (अंजाना)


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4 Comments

  1. Neha - July 29, 2018, 5:34 pm

    Nice

  2. Satish Pandey - July 31, 2020, 9:24 am

    Nice

  3. Abhishek kumar - July 31, 2020, 9:25 am

    उम्दा

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