बेवसी

मजबूरी नहीं कोई
फिर भी मजबूरी क्यों है

आज़ाद हूँ फिर भी
बेबसी क्यों है

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Akanksha - July 22, 2018, 12:00 pm

    Waaah

  2. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 10:07 pm

    Good

Leave a Reply