भोजपुरी बिरह गीत- ये निरमोही सइया |

भोजपुरी बिरह गीत- ये निरमोही सइया |
जड़वा के रतिया ननदी कटले ना कटात |
ये निरमोही सइया अँखिया नींदियों ना आत |
कराई के बिदाइ हमके घरवा बईठवला |
जबसे तू गईला संदेशवो ना पईठवला |
ये निरमोही सइया नैना लोरवो ना रुकात |
सड़ियो ना भेजला रज़इयो ना भेजला अबले |
कापेला देहीया मोर अकेले जड़वा बिताई कबले |
ये निरमोही सइया तोहरो सुरतिओ ना भुलात |
धनवा कटाई गइले गेंहुया बोआई कइसे |
खाद पानी लाई कईसे होई सिचाई कईसे |
ये निरमोही सइया देहिया औरी खेतवो सुखात |
बहे जब ठंडी बयरिया लहरे खेतवो कियरिया|
घरवा ना अइला पपीउ मोर बरसे नजरिया |
ये निरमोही सइया लाजे हम नईहरवों ना जात |
छोड़ी दा नोकरिया गावे करा खेती बरिया |
लगवे रहा हमरे मती जा अब तू बहरिया |
ये निरमोही सइया मोर जवनियों बीतल जात |
जड़वा के रतिया ननदी कटले ना कटात |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -995550928


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8 Comments

  1. Geeta kumari - December 19, 2020, 8:02 am

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 19, 2020, 11:01 am

    बहुत खूब

  3. Pragya Shukla - December 19, 2020, 4:51 pm

    सुंदर रचना

  4. Satish Pandey - December 19, 2020, 7:53 pm

    बहुत खूब

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