मंदिर बना राम लला का

भव्य मंदिर बना, राम लला का
ना ही कोई उपमा है, ना कोई तोड़ इसकी कला का
सोचा था, चाहा था, उम्मीद थी लगाई,
आशा हुई है पूरी, देखो शुभ घड़ी है आई।
सदियों से प्रतीक्षा थी इस पल की,
टूटी हैं कड़ियां किसी के छ्ल की।
पुष्प बरसाएंगे देव नभ से,
प्रतीक्षा हो पूरी, चाहत थी कब से।
मंदिर पर चमकेगा सूरज भी चम – चम,
मेघों का जल भी बरसेगा छम – छम ।
जय – जय कार गूंज रही अयोध्या में,
नाच रही हैं ,अयोध्या में सखियां छम – छम।
हाथ जोड़कर करें वन्दना रामजी की
रामजी के बिन अयोध्या थी.फीकी ।।
🙏जय श्री राम🙏


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18 Comments

  1. vivek singhal - August 6, 2020, 11:31 am

    Jay shree ram

  2. Vasundra singh - August 6, 2020, 12:42 pm

    बहुत खूब

  3. Ritika bansal - August 6, 2020, 2:56 pm

    जय श्री राम

  4. Satish Pandey - August 6, 2020, 4:35 pm

    जय हो

  5. Geeta kumari - August 6, 2020, 4:51 pm

    जय श्री रामजी जी🙏

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 6, 2020, 5:44 pm

    बहुत खूब

    • Geeta kumari - August 6, 2020, 7:43 pm

      धा
      सादर धन्यवाद भाई जी।
      जय श्री राम

  7. Mamta Sharma - August 8, 2020, 11:44 am

    वाह बहुत सुंदर रचना है। जय श्री राम 🙏

  8. Subhash Singh - August 8, 2020, 11:46 am

    बहुत सुंदर गीता जी। जय हो रामजी की🙏

    • Geeta kumari - August 8, 2020, 11:53 am

      सादर धन्यवाद आपका। जय श्री राम 🙏

  9. Devi Kamla - September 7, 2020, 6:12 pm

    Jay shriram

  10. Piyush Joshi - September 24, 2020, 3:44 pm

    जय राम, श्रीराम

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