‘मधुमास का आगमन’

नीले आसमान पर
सूरज की उपस्थिति
सौंदर्य की पराकाष्ठा
किरणों की लालिमा से
चमक रहा है पृथ्वी का
हर कण हर क्षण….

पत्तियों की सरसराहट से
मधुमास का सुंदर आगमन
चमन की सुगंध से
महक रहा है सारा मन-गगन…

स्थिति हृदय की आज है
मनचली तितलियों की तरह
उड़ रहें हैं पक्षी गगन में
मेरे अरमानों की तरह…!!

Related Articles

“पृथ्वी दिवस”

पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) स्पेशल ——————————– इन दो हाथों के बीच में पृथ्वी निश्चित ही मुसकाती है पर यथार्थ में वसुंधरा यह सिसक-सिसक रह जाती…

Responses

  1. सूर्य के उदित होने के समय का बहुत ही अद्भुत वर्णन ।
    प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अति सुंदर कविता ।

New Report

Close