माँ का आंचल

अपने आंचल की छाओं में,
छिपा लेती है हर दुःख से वोह

एक दुआ दे दे तो
काम सारे पूरे हों…


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4 Comments

  1. Panna - March 14, 2018, 9:47 am

    बहुत खूब

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:52 pm

    Waah

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 6:46 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  4. Abhishek kumar - November 30, 2019, 12:44 pm

    Nice

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