मुक्तक

जख्म जिन्दा है तेरी याद भी आ जाती है!
बेकरार पल में तेरी आरजूू सताती है!
मैं तन्हा हो गया हूँ गमें-अंजाम से मगर,
ख्वाबों की चुभन से मेरी आँख भर आती है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. राही अंजाना - May 5, 2018, 10:26 pm

    वाह

  2. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 11:05 pm

    Good

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