मुक्तक

मेरी तन्हाई से दिल की बात होने दो!

मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो!

सरहदें पिघल रही हैं तेरी यादों की,

हसऱतों से मेरी मुलाकात होने दो!

 

Composed By #महादेव


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Lives in Varanasi, India

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4 Comments

  1. Udit jindal - July 19, 2016, 7:02 pm

    nice sir ji

  2. राम नरेशपुरवाला - September 23, 2019, 7:53 am

    वाह

  3. Pragya Shukla - December 9, 2019, 8:36 pm

    Good

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