यकीं तुझे दिला न सका

तुझे पाकर भी मैं पा न सका।
तेरे दिल में जगह बना न सका।
सोचता हमारे बीच कोई ना होगा,
जहां से अपना प्यार बचा न सका।
जाने से पहले थोड़ा जहर ला देना,
जिंदगी में किसी और को ला न सका।
मुझे अपना कर तुझे जो मलाल है,
इस बात का बोझ मैं उठा न सका।
किस नाकारा से तुमने नाता जोड़ा,
किसी सोच पर खरा उतर न सका।
हो सके तो मुझे माफ कर देना,
जिंदा लाश माफी मांगने आ न सका।
कहीं प्यार समझौता ना बन जाए,
समझौते को प्यार मैं बना न सका।
मुझे बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे,
शायद यकीं तुझे मैं दिला न सका।

देवेश साखरे ‘देव’


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13 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 7, 2019, 7:40 pm

    Nice

  2. Abhishek kumar - December 8, 2019, 9:20 am

    Good

  3. Poonam singh - December 8, 2019, 3:38 pm

    Nice

  4. Pragya Shukla - December 9, 2019, 8:43 pm

    सुन्दर

  5. Abhishek kumar - December 14, 2019, 5:43 pm

    सुन्दर रचना

  6. Abhishek kumar - December 21, 2019, 10:20 pm

    Superb

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