यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं

यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं, यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं,
कोई हमसे ख़फ़ा है ही नहीं,
इश्क है मर्ज़ है इसकी कोई भी दवा है ही नहीं।।।
राही (अंजाना)

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

दवा

यार इसमें तो मज़ा ही नहीं, कोई हमसे खफा ही नहीं, इश्क है मर्ज़ है दोस्त, इसकी कोई दवा ही नहीं।। राही (अंजाना)

मज़ा

यार इसमे तो मजा है ही नही कोई हमसे खफा है ही नही इश्क़ है मर्ज़ है मेरे यार सुनो, इसकी कोई दवा है ही…

Responses

New Report

Close