वक्त

वक्त के सिकन्दर से पूछो दोस्त कितनी ताक़त है वक्त में ।
ठोकरें खा के भी वक्त को झुकने नहीं दिया इस ज़माने में।।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

साइको इंसान (Psycho Person)

हमारे जीवन में एक दोस्त बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। एक दोस्त आपकी जिंदगी को खूबसूरत बना सकता है। हमारी जिंदगी हमारी बचपन कि संगत…

Responses

  1. सही मायने में सिकन्दर वही कहलायेगे
    वक्त के साथ-साथ जो चल पायेंगे

New Report

Close