सरकार को आईना

आये दिन सांसद में कोई ना कोई बिल पारित हो रहा है जिसमें जनता के ऊपर नकेल कसने के लिए कुछ ना कुछ फेर बदल किया जा रहा है । सरकार जनता को आईना दिखाने में नहीं चुकती भोली भाली जनता का फायदा उठाकर सरकारी बाबू भी जनता को गुमराह करके पैसे ऐंठते नजर आ ही जाते हैं तमाम प्रकार की समस्या जनहित में विकराल रूप धारण कर रही है । उन सभी में से एक समस्या चलान है चालान के नाम पर जो ट्रैफिक नियम सुधारने का प्रयास कर रहीं हैं सरकार तो यह कहना बिल्कुल ग़लत नहीं होगा कि ट्रैफिक का हाल ज्यों का त्यों है हां सरकारी बाबू ट्रैफिक रूल्स का फायदा उठाकर मलामाल हो रहें हैं । जनता मोटरसाइकिल पर दो से तीन ब्यक्ति होने पर चालान भरने पर मजबुर है वहीं सरकार के गिरेबान में झांक कर देखा जाये तो सिर्फ रेल ब्यवस्ता को ही देखकर तबियत बिगड़ने लगता है । जनरल डब्बा में तो भेड़ बकरियों की तरह लोग यात्रा करने पर मजबुर है यहीं नहीं यहीं हाल रिजर्वेशन में भी है सरकार इस मुद्दे पर क्यो नहीं सोचती क्या जनता को ही सुधारने का ठेका ली है सरकार अपने कार्य ब्यवस्था पर कब सोचेंगी ।

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