*सूर्य-देव का रथ आया*

सात रंग की किरणें लेकर,
सूर्य-देव का रथ आया
सूर्य-रश्मि की सौगात लेकर,
रौशन करता पथ लाया
नई आशाएं लाता है प्रतिदिन,
जीवन कुछ नहीं,आशा के बिन
आशा पर ही दुनियां अडिग है,
ये सुखद संदेशा है लाया
सात रंग की किरणें लेकर,
सूर्य-देव का रथ आया
तम से घबराया,जब जग सारा,
सूर्य-रथ लाया दिवस सुनहरा
लाल,पीली,बैंगनी आदि किरणों से,
फैलाया है उजियारा
नभ की आभा का, सौन्दर्य देखो
उषा-काल की बेला में,
अम्बर पर लालिमा छाई
नई उमंग लेकर आई अंशु,
मानो मेला सा है आया
सात रंग की किरणें लेकर
सूर्य-देव का रथ आया,

*****✍️गीता


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8 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 8, 2020, 8:44 am

    वाह वाह बहुत सुंदर भाव

  2. Dhruv kumar - November 8, 2020, 9:41 am

    Nice

  3. Pragya Shukla - November 8, 2020, 5:59 pm

    उत्तम शब्दावली का प्रयोग एवं सूर्योदय का सुंदर वर्णन

    • Geeta kumari - November 8, 2020, 7:15 pm

      सुंदर समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

  4. Rishi Kumar - November 8, 2020, 11:11 pm

    Very good👍

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