13 Comments

  1. कल कल कल कल
    नदिया बहती है,
    साफ स्वच्छ है पानी,
    जी करता है खूब नहा लूँ,
    ********वाह, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अति सुन्दर कविता, सुंदर शिल्प और भाव लिए हुए बहुत उम्दा रचना, सुन्दर प्रस्तुति

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