“**इन्द्र धनुषी-अभिवादन”** *************** मित्रता का महकता रहे चंदन , मित्रता का मन करे हर पल वंदन. । अमर रहें मित्रता के अक्षय कोष मे , जग करे मित्रता का हरपल अभिनन्दन । प्यारे मित्रो , […]

मेरी पलके झुकती नहीं तेरे इंतज़ार में,मेरी आंखे भर आती है तेरे दीदार में,तुझे क्या समझ आएंगी मेरे दिल की बातें तू तो बैठा है किसी और के इंतज़ार में,एक बार सुन ली होती मेरे […]

अश्क़ ———— बातों ही बातों में पलकों की दामन में- मोतियों से कुछ दिख पड़ते “अश्क़”हैं ये–बुलबुले अरमानों के कभी चहकती खुशियाँ कभी ख़्वाब लुटतें हैं चेहरे खिल जाते,कभी– भीग जाती पलकें हैं मुस्कुराते–कभी दहकते […]

इंसान की शक्ल में आज हैवान नज़र आया, की मैख़ाने के करीब कोई बदजुबान नज़र आया, कोई ज़माने पे इलज़ाम लागते नज़र आया तो कोई खुद को ही ऊपरवाले का पैगाम बतलाया, मैंने तब खुद […]

=============================== वो जो तेरी यादों का समंदर कभी सूखता ही नहीं । लाख भुलाना भी चाहा मगर दिल भूलता ही नहीं। हैं बरसता हुआ गम की घटा जो सावन ले आया, जुदा ए सनम तुम […]

मत पूछो कि क्या हसरत है मेरी , हसरतें जताऊँ यह ना फ़ितरत है मेरी , जताने से मिल जाये मुझे चाहत जो मेरी , खुदी को जानता हूँ यह ना किस्मत है मेरी। मत […]

****** तेरा ही चेहरा होगा ****** जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा…. वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा…. ******** गिला रहता है चेहरे के नकाब से…… जो महरूम […]

“**मित्रता के तख्त पर”** मधुर प्रातः स्मरण “ नित शाखें प्यार की हैं झूमती , हर जिंदगी के. दरख्त पर । हर सुवह शाम की दुआ-सलाम, करते है मित्रता के तख्त पर । जानकी प्रसाद […]

****** तेरा ही चेहरा होगा ****** जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा…. वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा…. ******** माना चेहरा उसका आफताबी होगा…… पर क्या मेरे लिए […]

मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा […]

क्यों मन हर पल रोता है, डरता क्यों उससे जो होता है, तेरी हिम्मत तेरे हाँथो, फिर भी दहसत में क्यों सोता है, अपना एक तू लक्ष्य बना हर सफर का अंत एक दिन तो […]

नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल भी “उम्मीदें”दिल की-सहते नही थकती गुदगुदाते मन को-मिलन के पल […]

न सवाल हुआ , न जवाब ही हमारी तन्हाई में । आंखों ही आंखों से बात हुई हमारी तन्हाई में । खामोशी को इकरार समझने लगे थे,ख्वाबों मे, पर जिंदगी है हकीकत समझ में आई […]

छुअन तुम्हारी अँगुलियों की, मेरे कपोलों पर, आज भी मौजूद है, तुम्हारी आँखों की शरारत मेरी, तासीर की हरारत में, आज भी ज़िंदा है, तुम तसव्वुर में जवान हो आज भी, हमारी मुहब्बत की तरह, […]

उसने देखा यूँ जैसे कभी देखा ही न था…… कभी आँखों में बसाया था, आज सरेराह बेगाना कर गया….. ********* **************** दिल में कसक ठहरी हुई हैं, मिलेगी तो पूछुगां…. गलती दोनों की थी, तो […]

*प्रातः अभिवादन* सुवह सुवह जो मित्रता की ना महक आये । जिंदगी व्यर्थ में , दिन -रात सी चली जाये । चंद लमहे ही सही ,दोस्तों के बीच जियें , जिंदगानी की कहानी नयी लिखी […]

जीवन जीना एक कला है प्रतिपल एक रंगोली है गर मानवता है दिल में तो प्रात-रात नित होली है ।। वसुधा अंबर में संगम का माध्यम दिनकर होता है तिल होता है चन्दा में भी […]

बेवजह शिकायते छोड़ दे आ जा रंग मौसम से मांग के आ जा अब के होली में अपने घर आ जा कुदरत ने कितने रंग ढ़ा रे है लूट ने मेरे संग मलंग आ जा […]

इस रंग बिरंगी होली की हर बात बहुत ही निराली है, जहाँ-जहाँ तक नज़रें जाती, मस्ती की हर तरफ तैयारी है, माँ के हाँथ के पकवानों को चखने किसी की घर जाने की तैयारी है, […]

प्यारे मित्रो, रविवारीय आनन्दमय सवेरे की, मंगलकामनाएँ सपरिवारसहर्ष स्वीकारें। आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश “उठो भी यार… देखो एक खुशनुमा सुबह बाँहें फैलाए तुम्हारा ही इंतजार कर रही है, तुम्हारे संग खिलखिलाने और दौड़ते-भागते […]

ग़रीब कौन है…? वो— जो कष्ट से जीवन जीता है मुफ़लिसी की घूंट पीता है कपड़े तन पे नहीं आनंद जीवन में नहीं सहमी मज़बूर ज़िन्दगी “पॉलीथिन”में ग़म डुबोने– की नाकाम कोशिश–और खुद ही मरती […]

मिल जाओ कहीं तो इत्तेफ़ाक़ ही कह दूंगा… किस्मत की अड़ में चुप कर … दिल क जज़्बात ही कह दूंगा… आँखों में मत देखना मेरी… ये गुमराह कर लेती है… छुपा राखी थी दिल […]

आप सभी को होली की रंगों भरी हार्दिक शुभकामनाएँ :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: ऐसा रंग तो डालो पिया। सारा तन-मन रंग डालो पिया । सात रंगों की बरखा है आई , गुलाल अबीर उड़ा लो पिया। फूल पलाश […]

जरा सा मुस्कुरा?☺ देना होली मानाने से पहेले हर गम को जला ??देना होली जलाने से पहेले मत सोचना की किस किस ने दिल?? दुखाया है अब तक सबको माफ़ ??कर देना रंग लगाने से […]

“फागुन आया” फागुन आया चल रंग श्रृंगार कर ले। अपने तन मन को रंग प्रेम व्यापार कर ले रंग ले आज तु यह जग सारा, आया रंगो का मौसम रंगीला, उड़ा-उड़ा गुलाल नाचती गोपियां, देख […]

मन मन्दिर में जिसकी मूरत उसको दुनिया कहती माँ है माँ ममता की सच्ची मूरत जग में दुख को सहती माँ है ।। पुत्र नही तो दुख का मंजर पुत्र प्राप्ति पर भी दुख ऊपर […]

जरूरी नहीं , हम गले ही लगाएँ । जरूरी नहीं ,आप मिलने ही आएँ। अमर प्रेम का ,ऐसा बंधन हमारा, करें याद हम , हम तुम्हें याद आएँ। ******जानकी प्रसाद विवश********** प्यारे मित्रो , पावन […]

निर्मम सिमट सिकुड़ वो सोया था अंधेरे चौराहेे चौखट पे वो खोया था चादर ओढ़े सिर छुपाए, पांव फिर भी निकली थी सन सनाती हवा चली पैरो को छू, निगली थी कांप गए बदन मेरे […]

संस्कार में दबे बच्चे से घूरते हुए अध्यापक ने सवाल पूछा, बेटा ये बताओ हम कौन? बच्चा मुस्कुराते बोला, अध्यापक जी आप गुरु हम शिष्य यानी गुरु धाम में हम पढ़ रहे आप पढ़ा रहे […]

सोंचा नहीं था समन्दर के इतना किनारे निकल जाऊंगा, जिनसे डरता था उन्हीं लहरों के सहारे निकल जाऊंगा, जहाँ बनाता ही नहीं बह जाने के खौफ से रेत के मकाँ कोई, वहीं शौक से किरदार […]

तिरंगे के नीचे शान्ती के घोष में, मिशाले जलाली खूब हमनें!! मान मर्यादा स्वाभिमान का आवाहन, हाथो में बंदूके तलवारें उठाना हमकों!! इतियास दुहरा रहा गजनी की चाल, फिर से वगदादी दुहरा रहा हैं !! […]

जब मेरी तेरी बात हो, लब्ज़ों को आराम हो बस आँखों ही आँखों में,अपनी दुआ सलाम हो कभी दूर से देख के मुझको, मन ही मन मुस्काती है, और बुलाती पास मुझे, पलकों के परदे […]

मुझसे वो अब बड़ी तंगदिली से मिलता है ऐसे लगता है जैसे किसी अजनबी से मिलता है।। अब उसके मिलने में वो पहली जैसी बात कहाँ जमाने को दिखाने को ही शायद गले मिलता है।। […]

“**मोह रही मन”** मोह रही मन सभी के फागुनी बयार । शनैः शनेः उभर रहा है सृष्टि का निखार । धडकनें सुवह की सरगमें सुहावनी। भावनाएँ रंगभरी हुईं लुभावनी । कामनाओं पर चढ़ा छटा काअब […]

बाबुषा कोहली के साथ एक शाम बात ये 2017 की थी मैं साहित्य की साइटें खोज रहा था गूगल को खूब टटोल रहा था मिली मुझे फिर इसमें सफलता अच्छी रचनाओं का था उसमें छत्ता […]

आपकी ख्बाहिसों को पूरा करना जानता है दिल, चले आओ सजा लें हम किसी दिन, स्वप्न की महफिल । जानते हैं सभी, सपनों को इक दिन, टूटना पड़ता, टूटता तन, टूटता मन, छूट जाती है, […]

“**प्रातः अभिवादन “** प्यारे मित्रो , सपरिवारसहर्ष फागुनी सवेरे की उमंगों से भरे हर पल की शुभकामनाएँ स्वीकार करें । सविनय आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश,

“**जिन्दगी के तजुर्बे”** ************ जिंदगी के तजुर्बे सताते बहुत हैं , हँसाते बहुत हैं , रुलाते बहुत हैं । कभी हों अकेले , हाँ बिल्कुल अकेले, तजुर्बे साथ मन से निभाते बहुत हैं । *********^^^^^^^^************ […]

“**प्रातः अभिवादन “** *********** मित्रतामय जगत सारा , मित्रता ही महकती है । गुलाबों की तरह हर पल दुख के शूलों के संग रहती। निभा कर साथ, सुख दुख में , मित्र के सुख दुख […]