–:?गीत ?:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार […]

–:?गीत ?:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार […]

तुमसे मिलने की ललक.. मेरी इन साँसों को ! एक उम्मीद-औ-आशा की झलक दे जाती है !! तेरी बस एक झलक.. उम्मीदों के तप्त मरुस्थल में ! उमंगों की बहार.. अनेकों पुष्प खिला जाती है […]

चलना संभल कर यहां जर्रे जर्रे में है धोखा। अब सांसे भी सांसों को देता रहा है धोखा। यूं जिंदगी को न कर इस कदर रुसवा यहां हर गली हर चौराहे पर पसरा है धोखा। […]

लगता है हम बिखर चुके है, अब कोई जोश नही है,रोष नही है, हालातो का होश नही है जब सुनते है वो प्यारी बातें लगता है हम निखर चुके हैं, लगता है हम बिखर चुके […]

वो गए है छोड़ के हर बार की तरह, हम क्यों हैरान हो बेकार की तरह, ये कौनसी पहली दफा है मोहब्बत में, ये सब चलता रहता है सरकार की तरह, पता है वो वापिस […]

महिला दिवस पर प्रत्येक महिला को समर्पित ये छोटा सा लेख।। तेरी शान से ही तो हर पल मेरी शान है, जहाँ-जहाँ तू कदम रखे वहाँ मेरा सम्मान है, निःस्वार्थ भाव से सेवा करके तू […]

स्वच्छ्ता हो प्राथमिकता स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ हो घर-बार अपना स्वच्छता हो सार अपना ग़र नहीं मिलता समय तो दीजिए इतवार अपना मामला सबसे जुड़ा है इसलिए फिर बात करिए, स्वयं से शुरुआत करिए। […]

मिलकर साथ हाथ मिलायें खुद जागें और जगायें स्वच्छ भारत अभियान सफल बनायें। गली मोहल्ले गंद मुक्त हो सड़कें स्वच्छ चमके देहरी द्वार महक उठे ऐसा संघर्ष अभियान चलायें स्वच्छ भारत अभियान सफल बनायें। स्वच्छ […]

बह्र – २१२२ / २१२२ / २१२ :::::::::::::::::::;::::::::::::::::::::::::: जो हुआ वो सब भुलाना चाहिए । रूठे मन को अब मनाना चाहिए।१ बैठ यारों अब यहा महफिल सजें मयकशी का दौर लाना चाहिए।२ गर शिकायत हो […]

जो भी रस्म थी हर रस्म निभाता रहा हूँ मैं, तेरे माथे से हर शिकन मिटाता रहा हूँ मैं। खुद को समन्दर किया तेरी ख़ातिर, तेरी प्यास बुझाता और खुद को सुखाता रहा हूँ मैं, […]

गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे साफ-सुथरी गलियां होगी साफ सुथरा होगा गांव साफ सफाई करने में कभी ना रुकेंगे हमारे पांव हमने वादा कर लिया […]

सियासी आदमी हरगिज़ तुम्हारा हो नहीं सकता। कोई भी मतलबी दुःख में सहारा हो नहीं सकता। जमीं ग़र रो रही है तो सुनो बस बेबकूफ़ी है- फ़लक़ का है जमीं का तो सितारा हो नहीं […]

यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं, यार इसमें तो मज़ा है ही नहीं, कोई हमसे ख़फ़ा है ही नहीं, इश्क है मर्ज़ है इसकी कोई भी दवा है ही नहीं।।। राही (अंजाना)

जब न था इश्क दर्दे-ए-दिल न था! जब से उनसे उलझी नज़रें बेकली सी  हो गयी!! *********                     इब्दिता-ए-इश्क में..               उनके उठाए नाज़-ओ-खम!                      अब ना जाने अपनी फ़ितरत…                       बेवफा सी हो गयी!! […]

गंदगी से हमें नाता तोड़ना होगा स्वच्छ से अब रिश्ता जोड़्ना होगा हो गयी बहुत खातिरदारी अब गंदगी की आ इसको दरवाजा हमें दिखाना होगा| भारत की पहचान स्वच्छता से हो यही संकल्प हमें अब […]

“**इन्द्र धनुषी-अभिवादन”** *************** मित्रता का महकता रहे चंदन , मित्रता का मन करे हर पल वंदन. । अमर रहें मित्रता के अक्षय कोष मे , जग करे मित्रता का हरपल अभिनन्दन । प्यारे मित्रो , […]

मेरी पलके झुकती नहीं तेरे इंतज़ार में,मेरी आंखे भर आती है तेरे दीदार में,तुझे क्या समझ आएंगी मेरे दिल की बातें तू तो बैठा है किसी और के इंतज़ार में,एक बार सुन ली होती मेरे […]

अश्क़ ———— बातों ही बातों में पलकों की दामन में- मोतियों से कुछ दिख पड़ते “अश्क़”हैं ये–बुलबुले अरमानों के कभी चहकती खुशियाँ कभी ख़्वाब लुटतें हैं चेहरे खिल जाते,कभी– भीग जाती पलकें हैं मुस्कुराते–कभी दहकते […]

इंसान की शक्ल में आज हैवान नज़र आया, की मैख़ाने के करीब कोई बदजुबान नज़र आया, कोई ज़माने पे इलज़ाम लागते नज़र आया तो कोई खुद को ही ऊपरवाले का पैगाम बतलाया, मैंने तब खुद […]

=============================== वो जो तेरी यादों का समंदर कभी सूखता ही नहीं । लाख भुलाना भी चाहा मगर दिल भूलता ही नहीं। हैं बरसता हुआ गम की घटा जो सावन ले आया, जुदा ए सनम तुम […]

मत पूछो कि क्या हसरत है मेरी , हसरतें जताऊँ यह ना फ़ितरत है मेरी , जताने से मिल जाये मुझे चाहत जो मेरी , खुदी को जानता हूँ यह ना किस्मत है मेरी। मत […]

****** तेरा ही चेहरा होगा ****** जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा…. वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा…. ******** गिला रहता है चेहरे के नकाब से…… जो महरूम […]

“**मित्रता के तख्त पर”** मधुर प्रातः स्मरण “ नित शाखें प्यार की हैं झूमती , हर जिंदगी के. दरख्त पर । हर सुवह शाम की दुआ-सलाम, करते है मित्रता के तख्त पर । जानकी प्रसाद […]

****** तेरा ही चेहरा होगा ****** जब भी कोई ख्वाब तराशुगाँ, तेरा ही चेहरा होगा…. वो ही होंठ, वो ही आंख, वो ही रूप होगा…. ******** माना चेहरा उसका आफताबी होगा…… पर क्या मेरे लिए […]

मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा […]

क्यों मन हर पल रोता है, डरता क्यों उससे जो होता है, तेरी हिम्मत तेरे हाँथो, फिर भी दहसत में क्यों सोता है, अपना एक तू लक्ष्य बना हर सफर का अंत एक दिन तो […]

नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल भी “उम्मीदें”दिल की-सहते नही थकती गुदगुदाते मन को-मिलन के पल […]

न सवाल हुआ , न जवाब ही हमारी तन्हाई में । आंखों ही आंखों से बात हुई हमारी तन्हाई में । खामोशी को इकरार समझने लगे थे,ख्वाबों मे, पर जिंदगी है हकीकत समझ में आई […]

छुअन तुम्हारी अँगुलियों की, मेरे कपोलों पर, आज भी मौजूद है, तुम्हारी आँखों की शरारत मेरी, तासीर की हरारत में, आज भी ज़िंदा है, तुम तसव्वुर में जवान हो आज भी, हमारी मुहब्बत की तरह, […]

उसने देखा यूँ जैसे कभी देखा ही न था…… कभी आँखों में बसाया था, आज सरेराह बेगाना कर गया….. ********* **************** दिल में कसक ठहरी हुई हैं, मिलेगी तो पूछुगां…. गलती दोनों की थी, तो […]

*प्रातः अभिवादन* सुवह सुवह जो मित्रता की ना महक आये । जिंदगी व्यर्थ में , दिन -रात सी चली जाये । चंद लमहे ही सही ,दोस्तों के बीच जियें , जिंदगानी की कहानी नयी लिखी […]

जीवन जीना एक कला है प्रतिपल एक रंगोली है गर मानवता है दिल में तो प्रात-रात नित होली है ।। वसुधा अंबर में संगम का माध्यम दिनकर होता है तिल होता है चन्दा में भी […]

बेवजह शिकायते छोड़ दे आ जा रंग मौसम से मांग के आ जा अब के होली में अपने घर आ जा कुदरत ने कितने रंग ढ़ा रे है लूट ने मेरे संग मलंग आ जा […]

इस रंग बिरंगी होली की हर बात बहुत ही निराली है, जहाँ-जहाँ तक नज़रें जाती, मस्ती की हर तरफ तैयारी है, माँ के हाँथ के पकवानों को चखने किसी की घर जाने की तैयारी है, […]

प्यारे मित्रो, रविवारीय आनन्दमय सवेरे की, मंगलकामनाएँ सपरिवारसहर्ष स्वीकारें। आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश “उठो भी यार… देखो एक खुशनुमा सुबह बाँहें फैलाए तुम्हारा ही इंतजार कर रही है, तुम्हारे संग खिलखिलाने और दौड़ते-भागते […]

ग़रीब कौन है…? वो— जो कष्ट से जीवन जीता है मुफ़लिसी की घूंट पीता है कपड़े तन पे नहीं आनंद जीवन में नहीं सहमी मज़बूर ज़िन्दगी “पॉलीथिन”में ग़म डुबोने– की नाकाम कोशिश–और खुद ही मरती […]

मिल जाओ कहीं तो इत्तेफ़ाक़ ही कह दूंगा… किस्मत की अड़ में चुप कर … दिल क जज़्बात ही कह दूंगा… आँखों में मत देखना मेरी… ये गुमराह कर लेती है… छुपा राखी थी दिल […]

आप सभी को होली की रंगों भरी हार्दिक शुभकामनाएँ :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: ऐसा रंग तो डालो पिया। सारा तन-मन रंग डालो पिया । सात रंगों की बरखा है आई , गुलाल अबीर उड़ा लो पिया। फूल पलाश […]

जरा सा मुस्कुरा?☺ देना होली मानाने से पहेले हर गम को जला ??देना होली जलाने से पहेले मत सोचना की किस किस ने दिल?? दुखाया है अब तक सबको माफ़ ??कर देना रंग लगाने से […]