मैं फिर से नींद के आगोश में जाना चाहती हूँ तेरे नैनो के गंगाजल से गंगा स्नान करना चाहती हूँ मैं हूँ पतित, पापों की गगरी हूँ अपने गुनाहों को पश्चाताप की चादर में छुपाना […]

ए ढलती गोधूलि के बेला मन को मोह लेती है हमारी ख्यालों में नयी उर्जा भर देती है हम इसी उर्जे के सहारे आने वाले कल के हम बेसब्र से इन्तजार करते हैं ए क़ाबिल […]

आलस्य तुझे दूर जाना ही होगा, मुझे दायित्व अपना निभाना ही होगा। प्रातः हो गई है, बीत रजनी गई है, मुझे कब से वो चिड़िया जगाने में लगी है। रात भर की उमस तो हाथ-पैरों […]

फेंक कर गुलाब 🌹 मेरे मुंह पे, मेरी मुहब्बत को गुमान की कसौटी पे तौला न करो । माना कि तेरी महफिल में, मेरी क्या हैसियत है । तुम्हें तोहफ़ा देने के लिए एक गुलाब […]

दीर्घ कविता के इस भाग में दुर्योधन के बचपन के कुसंस्कारों का संछिप्त परिचय  , दुर्योधन  द्वारा श्रीकृष्ण को हरने का असफल प्रयास और उस असफल प्रयास के प्रतिउत्तर में श्रीकृष्ण वासुदेव द्वारा स्वयं के  […]

ले गई मुझको रोशनी जाने कहां! रहा तिमिर में बसेरा अपना सदा। कोशिशों की बनाकर के बुनियाद हम, रोज कोसों चले नंगे पैरों से हम। बनाती रही हमको महरुम वो, स्वप्न देखे सदा जब कभी […]

ढलता अंधेरा और काली सी महिला बाजार किनारे खड़ी, हाथों में थैला अजनवी थी मगर कुछ अलग था चेहरे में जैसे खुशी खड़ी हो उदासी के पहरे में बढ़ने लगा तो आवाज आई कहाँ तक […]

कैप्टन मनोज पाण्डेय जी को नमन है जिनके बलिदान के कारण हम भारतीय साँस लेते हैं कारगिल के युद्ध को हम कैसे भूल सकते हैं ! अपने प्राणों को किया न्योछावर भारत माँ की खातिर […]

गरम हवा है जल रहे हैं आज भीतर तक, देख लो छूकर अगर है कोई आपको शक। वसन से आज हमने भावना को लिया ढक, सोच कर खुद की हालत बढ़ गई दिल की धक-धक। […]

जिन्दगी के बुरे दिन भूलने होंगे पथिक, भुला कर वे बुरे दिन पग बढ़ाने होंगे पथिक। अब नहीं होगा बुरा, अब भला ही मिलेगा सोच कर आज तूने पग बढ़ाने होंगे पथिक। हो गया हो […]

आज की रात मेरी इम्तहान की घडी है। देखना है उस चाँदनी के पीछे कौन खड़ी है।। पहले तो चाँदनी रात में इतनी रौनक न थी। जरूर इस चाँदनी की आर में कोई न कोई […]

दुश्वार हो गया जीना अब तो काटों से छिल गए तलवे अब तो। मोहब्बत में हुए हम तबाह लोग कहते हैं, हम बन गए शायर अब तो। पथरा गई आँखें इन्तज़ार में उसके, जागते-जागते हम […]

तड़पाने के अलावा और तुमने किया ही क्या है बार बार मुझको चरित्रहीन कहा है ये कैसी मोहब्बत है तुम्हारी ? जिससे प्यार किया उसी को बाजारू कहा है जो तुम्हारी मोहब्बत में सराबोर होकर […]

रोक ले ओ ईश्वर ! कहर बरपाते अपने बूंद बाणों को.. रहम कर मानवता की उस चीख पर जो दोनों हाथ ऊपर कर.. मदद को पुकार रही है. तू इतना निष्ठुर नहीं हो सकता.. गलती […]

खुद पर किताब लिखने दे गलत-सही किया है आज तक जो, उसका हिसाब लिखने दे। बन्द आंखों से आज भीतर तक खुद का मिजाज पढ़ने दे। भीतरी कालिमा के बीच पड़ी चमकती मणि समान रूह […]

सत्य को समझने की नजर, जरूर मायने रखती है, रहस्य समझने वाली जिन्दा आत्मा अपने भीतर आयने रखती है। जो देख लेती कमियाँ अपनी देहजनित, त्याग देती हैं लोभ नेहजनित। खूब इकट्ठा करते जाना, फिर […]

सोचती हूँ कल तुम क्या थे आज क्या हो गए हो पहले तो कहा करते थे चौदहवीं के चाँद हो तुम मेरी धड़कन की साज हो तुम कहाँ गयी तुम्हारी अदा की वो बातें वो […]

जरा सा आप भी कीजिये मुहब्बत, यकीन मानिए, सुनकू पाओगे। जरा सा आप भी सच की राह पर चलिए, यकीन मानिये, सुकून पाओगे। जरा सा आप भी त्याग करना सीखिए, यकीन मानिए सुकून पाओगे। जरा […]

रौशनी से नहा रहा है आज नूर महल, मुद्दत बाद निकला है चाँद मेरे शहर मे । ए फीज़ा तुझे है काली घटा की कसम, नज़र न लगाना तू मेरे नूर महल में।।

देखकर मुस्कुराते भी नही क्या इतना बुरा हो गया हूं मैं हर बार आप-आप कहती हो सच्ची, इतना बड़ा हो गया हूं मैं बचपन मे तो छोटी रजाई इतनी लंबी बातें थी तेरी अपने पैरों […]

नींद गई रैन गई सांसें बेचैन भईं रात गई बात गई आधी-सी साँस गई मीत गया गीत गया आंगन का फूल गया मेरा सर्वस्व गया हाय रे! वर्चस्व गया नहीं गया आज भी ईर्ष्या और […]

सर्वस्व न्योछावर कर दिया तुझ पर मोती, माणिक्य पन्ना, हीरा हृदय की विक्षिप्त भावनाएं, क्रूर सम दृष्टियों से दृष्टिपात करके यौवन की प्रथम वर्षगांठ पर हृदय हीन किया तूने••• हृदयगति हुई मद्धम स्वांस की ऊर्जावान […]

मैं मुस्कुराती हूँ, गुनगुनाती हूँ, कभी उत्साह में उड़ती कभी गम के कुंए में डूबती, फिर गोता लगाकर लौट आती, उतरती डूबती सी डूबती फिर से उतरती डूबती सी, एक दिन दो दिन, महीने, वर्ष […]

हम जो भी हैं मात तात के बल पे हैं जुङी बहुत-सी उम्मीदें ‌हमारे कल से हैं जन्मदाता ही नहीं, हमारी हर पहचान उनसे है हमारी आजीविका, रूतवा, हर मुकाम उनसे है रहते जहां उनकी […]

पिता एक ऐसा शब्द है जिसकी जितनी व्याख्या हो वह कम है, पिता जीवन का मूल है, हमारा जीवन उनके चरणों की धूल है, पिता के बिना अपने अस्तित्व की कल्पना करना सबसे बड़ी भूल […]

अंगुली पकङ चलना सिखाया गिर-गिर कर संभलना सिखाया मुश्किलों में भी हंसना सिखाया भय-स्नेह से सही-ग़लत में भेद बताया हर दांव-पेंच को समझना सिखाया इस जीवन से परिचय करवाया मुझे इस धरा पर‌ इक पहचान […]

आपने बहुत किया हमारे लिए काबिल बनाया, जी सकूं, न सिर्फ़ अपने लिए काम आऊं, कुछ कर पाऊं मैं, आपके लिए सहारा बनके नहीं,साथ रहूं आपके पनाह के लिए आसरा मेरी नहीं, मैं आकांक्षा रखूं […]

जीन्स पहनी शर्ट घौंसी जिस्म नहला लिया इत्र से आईने में देखा मुस्कुराहट ने कहा अभी जवान हूँ भोले, किसी से कम हैं के बाहर आये तो लगा अब कुछ होगा जमाना बहुत पीछे रह […]

जीवन भर बिना थके,मुस्कुराते हुए अपने संघर्षरत बच्चे को कांधे पर उठाकर चलने वाले पिता का पर्याय बन सके, ऐसा बिंब, रचा ही नहीं गया अबतक काव्यशास्त्र में। दरअसल,कविताओं में इतना सामर्थ्य नहीं कि वे […]

हलाहल मिला था तो, अमृत भी मिलेगा समुंद्र मंथन में, सब कुछ मिलेगा l घबराना नहीं है, हिम्मत है रखनी हमें ज़िन्दगी की जंग जीतनी है l जब बढ़ जाएं बुरी शक्तियाँ ज्यादा, हमें मिल-जुल […]

आसुरी शक्तियों का जोर है अभी, इनको मिटाना है शोर करें सभी करना है समुंद्र मंथन, हाँ, निकलेगा पहले हलाहल मगर बहेगी अम्रृत धारा भी यही समय की माँग है, सत्मार्ग पर चलें सभी जीतेंगे […]

आपकी हर बातें याद आती है मेरा रूठना आपका मनाना मानाने के लिए समझाना मुझे रोते देख आपका उदास हो जाना जब उन लम्हों का एहसास आता है पापा आपका बहुत याद आता है इस […]

फादर्स-डे स्पेशल:- तेरी उंगली पकड़ कर बचपन की रेलगाड़ी में सफर किया सफर सुहाना था मन को आनन्द मिला जीवन की आड़ी-टेढ़ी रेखाओं में दुखों की बाहुबली भुजाओं में एक तेरे सहारे से ही ताकत […]

खूब बारिश हो रही है रात भर, दिन भर पहाड़ों में भूस्खलन हो रहा है, सड़कें टूट चुकी हैं, नदियां उफान पर हैं, खतरे के निशान पर हैं या उससे ऊपर हैं, हर जगह नमी […]

जिनके बिना मेरा नाम अधूरा जिनके साथ मेरा परिवार पूरा वो छत है बाकी सब दीवारें है एक उन्होंने पूरे घर के सपने सँवारे है वो माँ से कम दिखते है घर मे कितना कुछ […]

सती और शिव संबाद प्रथम मिलन पर माना तुमने मुझसे प्रेम किया प्रेम ने मेरा भी मन छू लिया एक फ़क़ीर हूँ मैं, जानती हो ना तुम्हारा क्या भविष्य हुआ मेरे साथ बस धुआं ही […]

दुर्योधन भले हीं खलनायक था ,पर कमजोर नहीं । श्रीकृष्ण का रौद्र रूप देखने के बाद भी  उनसे भिड़ने से नहीं कतराता । तो जरूरत पड़ने पर कृष्ण से सहायता मांगने भी पहुँच जाता है […]

लोगों की जुबान का डर नहीं रखना है, बल्कि ईश्वर की सत्ता का भान रखना है। लोग गलत देखकर गलत कहेंगे, लेकिन ईश्वर गलत देखकर माफ नहीं करेंगे। थोड़ा सा ताकत पाने पर गुमान नहीं […]

भोजपुरी गीत – पिया टिकवा लगवा ला। भागी भागी हो कोरोनवा , पिया टिकवा लगवा ला। तोहसे लागल हो मोर मनवा , पिया गरवा लगा ला । रखा सबसे दूरी बाकी हमसे ना रखीहा। रहा […]

मेरे भावों में हो संवेदनाएं इरादा ना हो किसी को ठेस पहुंचाने का मलिन हो जाए चाहे तन के कपड़े इरादा ना हो दिल में मैल रखने का विश्वास से भरा हो हर रिश्ता कोई […]

विरासत जिन्दगी की मिली है जो हमको समझ पाने में अक्षम कैसे बतलाये तुमको। खुली हवा में जीना स्वचछ सांस लेना निर्मल था पानी उसे भी हमने छीना वारी बिक रही है वायु बिक रहे […]

भीग गई पूरी शैय्या मेघा बरसे खूब, अब मैं सोऊँ कहाँ, रहूँ कैसे। यह पगडंडी, घर है मेरा, नभ नीला ही, छत है मेरा। आज जिसे है मेघ ने घेरा। तड़-तड़ बरखा, तन में- मन […]

जब तक मैं कंवारा था मजाक और झूठ का अंतर नही समझ पाया अब जानता हूँ सच तो लोग खुद से भी नही बोल पाते जब तक मैं कंवारा था किसी को दर्द में देख […]

अपना अपना काम यदि कर लें सब ईमान से, देश सोने की चिड़िया होगा फिर ईमान से। पूरा नहीं जरा सा भी यदि दायित्व समझ लें सब देश सोने की चिड़िया, होगा फिर ईमान से। […]