हर दौर में अधर्म का प्रारम्भ एक नव-चरण होता रहा l हर एक युग में “हे रावण” तेरा नव-अवतरण होता रहा l हर बार अग्नि परीक्षाओं से गुजरी सीता सती सी नरियाँ , किसी न […]

मेरे राम! फिर से आओ मेरे राम! फिर से आओ ना, बढ़ चुकी दानवों की फौज फिर से, आओ धरती में चले आओ ना। पहले दिखता था रावण मारना आसान था, अब तो लगता है […]

हम सरहदों पर रहते हैं आज ज़माने से ये कहते हैं भारत माता के वीर सभी हम हमको सभी सरहद का रखवाला कहते हैं। है अगर हिम्मत किसी दुश्मन में तो आकर टक्कर ले हमसे […]

रोशनी आये भले ही कहीं से भी मगर वो आये, अंधेरे को हराने आये। उसकी किरणें हों इतनी तीखी सी आवरण भेद कर भीतर जहां हो मन वहां पहुंचें, मिटा दें सब अंधेरा। और जितनी […]

जिन्दगी ने दिया है तोहफा हो प्राणों की हरेक सांस हो तुम, सजा चमन तुम्हीं से आज मेरा, कल भी जी लेंगे ऐसी आस हो तुम। जबसे आई, बाहर लाई हो लुटाती नेह, चली आई […]

ना जाने किन खयालों में खोई रहती है दुनिया मेरा-मेरा करती रहती है दुनिया अपनी तो देह भी साथ नहीं देती सब कुछ यहीं रह जाता है फिर किस मद में चूर रहती है दुनिया […]

जैसे धरा कभी गगन से मिलके भी मिल पायी नहीं हम तुम भी, मिले कुछ इस तरह । जैसे वन में तृष्णा से व्याकुल ढूँढती, भटकती, फिरती मृग मेरी भी मृगमरीचिका कुछ इस तरह हम […]

एक हसरत कुछ करूँ ऐसा गर्व हो सभी अपने ही नहीं, ग़ैरों को भी अर्ज करें, हे मालिक! हर घर में जन्म ले, ऐसी ही, बिटिया हो मेरी ! हर जन में पनपे, बेटी की […]

भोजपुरी देवी पचरा गीत- आपन तू पूजनवा | लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा | शेरवा सवार होके देवी लेला तू असनवा | लेला लेला ये मईया आके आपन तू पूजनवा | सोनवा […]

सुंदरता के आकर्षण में बंध कोई इतना कैसे भा जाता है ईश्वर से मांग को हो धन्यवाद प्रार्थना से जीवन में लाता है पाकर इच्छित साथी खूब इतराता है अपनों को ठुकरा उसे अपना बनाता […]

राजा दशरथ ने माना कहना, अपनी पत्नी कैकेई का एक वचन की खातिर देखो, बहु-बेटे वन में जाते हैं, प्राण त्यागने पड़े भले ही, आज दशरथ जी पूजे जाते हैं। श्री राम ने माना, कहना […]

ज़िन्दगी से कुछ लम्हे, बचाती रही एक बटुवे में उन्हें, सजाती रही सोचा था कि फुरसत से करूंगी खर्च, ज़िन्दगी में इसीलिए बचाती रही, कुछ लम्हे कुछ अपने लिए, कुछ अपने अपनों के लिए फ़िर […]

माया को रचा हमने प्यार का दीप जलाया जिनका था सहारा हमें उन्हें ही किया बेसहारा गौ माता को पूजते तब तक जब तक अमृत धार बहाती यही स्वार्थ की अंधी भक्ति अपनों से हमें […]

भोजपुरी देवी गीत-चला माई के दुअरिया | मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया | लाल अड़हुलवा सेनूर चढ़ईहा ललकी चुनरिया | मोर करेजउ हो चली चला माई के दुअरिया | नव दिन नव […]

प्रेम जिसका इंजन, गाड़ी जिसकी यारी | इजहार चालक है, खुशियाँ हैं सवारी | वह एक फरिश्ता है, खूबसूरत गुलदस्ता है | लगता बहुत नाजुक, पर सच्चे दिल से रिश्ता है | वह आस से […]

सबसे तेज होती है, वक्त की रफ्तार | वक्त में घुली है, सबकी जीत या हार | वक्त के दो पहलू, नफरत और प्यार | वक्त से ही जुड़े हैं, जीवन और मरण के तार […]

प्रज्वलित ज्वाला हुई है रण शंख का अब नाद हो शत्रु जो पुलकित हुआ है उसका करो अब नाश तुम। न रोको अभी तुम भावना को रक्त का उबाल थमने से पहले दुश्मन को पंहुचा […]

करके भ्रूण-हत्या दो बेटियों की, उसने दो बेटे फ़िर पाए खुश हो कर मस्त घूमता, कहता सौभाग्य जगाए बड़े हुए जब बेटे उसके, दो बहुएं घर में आईं सास-ससुर की अवहेलना करने में, कोई कसर […]

हिन्दी देवी गीत – भक्ति दान दे दो | हे प्रमेशवरी हे दुर्गेशवरी भक्ति दान दे दो | काली कपालिनी दैत्य दलिनी शक्ति दान दे दो | जगत जननी माँ अम्बे जगदम्बे तुम हो | […]

तमाम ख्वाहिशें नहीं हैं मेरी बस ‘दो मुट्ठी आसमां’ की ख्वाहिश है पंख हों उड़ने का हौसला हो और हों बेहिसाब मंजिलें उड़ चलूं जिसमें मैं अकेली ना हो कोई मुश्किलें.. चाहें जिस राह पर […]

कागज!! बड़े काम के हो आप युगों युगों से आप पर कलम अंकित करते आई है, तमाम तरह का साहित्य। आप में अब तक का दुख-सुख, उत्थान-पतन, आशा-निराशा, उत्साह-अवसाद, इतिहास, सब कुछ अंकित है। मानव […]

स्वारथ की खातिर दूजे का दिल नहीं दुखाना है, आज नहीं तो कल सबने मिट्टी में ही मिल जाना है। धुँवा धुँवा होकर उड़ना है, बचा हुआ जल में बहना है, शेष नहीं रहना है […]

धरती तो सचमुच माता है सारा बोझ इसी पर तो है, जन्म इसी पर मरण इसी पर सारा बोझ इसी पर तो है। हम अपने स्वारथ की खातिर पाप कर्म में रत रहते हैं, कभी […]

छोटी सी है बिटिया रानी ऐसी लगती बड़ी सयानी, अपनी ही भाषा में जाने क्या कहती है गुड़िया रानी। वॉकर में बैठाओ कहती उसमें पांव टिकाकर चलती खड़े नहीं हो पाती है पर करती है […]

कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, उम्र ढल रही है ऐसे, मानो रेत हाथ से जैसे | कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, काश समय की इस रफ्तार को रोक पाता, समेट लेता […]

एक से दूसरी, दूसरी से तीसरी पटरी पर पटरी बदलता हूं क्या कहूं मैं प्रेम की गाड़ी में रोज सफर करता हूं इन गाड़ियों के डिब्बों से, रोज दिल मेरा मचलता है कभी नीला, कभी […]

रोज़ 9 बजे से 5 की ड्यूटी फिर ओवरटाइम बचता इतना सा समय जब लिखता हूँ फिर आया लॉक डाउन जब घर मे बंद काम बंद सब बंद भूख से बदहाल ज़िन्दगी सपने जो थे […]

यूं मेरे प्यार पर बेवजह शक न जताया कर, खामोश हूँ, बेवफ़ाई का इलज़ाम न लगाया कर | जमाने में हँसी हो मुझे ऐसे नज़रअंदाज़ न कर, चाहत हो तुम मेरी इस बात का इक्तिराफ […]

देवी माँ का पूजन कर लो लेकिन अपनी मां मत भूलो, जिसने जनम दिया तुमको वृद्धाश्रमों में ठूँसो। थोड़ा सा सोचो-समझो, बुजुर्गों की इज्जत कर लो, अपने संतोष की खातिर उनको वृद्धाश्रमों में मत ठूँसो। […]

झूमे जा रहा था मस्ती में कि उनसे नजरें चार हुई ब्रेक गाड़ी पर उसने लगवाया, और इनायत दिल की हुई खुद को संभाल पाता कि शिकार नजरों का हो गया कहना कुछ और था […]

क्रोध ना किया करें, क्रोध से रहें परे गुस्सा है माचिस की तीली सा, औरों को जलाने से पहले खुद को जलना पड़ता है ये वो विष हैं जो, औरों को पिलाने से पहले खुद […]

कर के शेर की सवारी, आई माता रानी प्यारी आई शुभ नव-रात्रि, मांग लो मुरादें ,माता रानी से ऊंचे पर्वत पर मंदिर मां का, बेहद लंबा रस्ता है, यहां का बाण-गंगा का शीतल जल, करता […]

क्यों न होगा दूर तम ,माँ को याद करके देखिये भावनाओं के भवन से भय भगाकर देखिये ज़िंदगी खुशियों से भरी नज़र आयेगी जागती ज़िन्दादिली से ,माँ को हृदय में बसाकर तो देखिये || माँ […]

चुपके से रोज मैं उससे सवाल करता हूं, स्टेटस पर तस्वीर देखकर, उसे प्यार करता हूं | गोल सी आंखों में सपने उसने जो सजाए हैं, लगता है मेेरी कल्पनाओं से बड़ा मेल खाए हैं […]

दरिया के किनारों पर ख़्वाहिशे नहीं पनपती, डूबी हुई कस्ती को कभी शाहिल नहीं मिलती | उठना पड़ता है तल से सतह पर कुछ बयां करने को, यूं पानी के नीचे मंजिलें आसमानों को नहीं […]

इन सुर्ख अधरों को मेरे गालों तक मत लाना चाहत और बढ़ जाएगी प्यार की । अपनी जुल्फों को अब और मत लहराना रात लंबी हो जाएगी इंतजार की । तड़पते रहेंगे उम्र भर मगर […]

कागज़,कलम की बातें सुनकर, मैं लिखना सा भूल गई कागज़ ने कहा कलम से, जब तुम चलती हो मुझपे कहो ये कैसा अहसास है, कलम ने कहा…… हमें भी नहीं पता, बस यही लगता है […]

उसके आँसू का संचय कर ईश्वर समंदर रचता है। प्रतीक्षा की पावन अग्नि में वो आहुतियों सा जलता है…!! जिसकी उदासी के रंग में ढलकर हुई ये रातें काली हैं, बीतें लम्हों की सोहबत में […]

तुम भले ही मुंह फुला दो मुस्कुराना छोड़ना मत, गीत गायें हम कभी तो गुनगुनाना छोड़ना मत। यदि बताएं बात दिल की बीच में ही टोकना मत, जो कदम आएं हमारी ओर उनको रोकना मत। […]

आज लॉकडाउन खत्म हुए तमाम दिन हुए और आज मैं इतने महीनों बाद बाजार गई कुछ कपड़े खरीदने बाजार पहले की तरह ही सजा था लग ही नहीं रहा था कि कोरोना भी चला रहा […]

जन्म लेने पर बंटी मिठाई, श्राद्ध हुआ तो खीर खिलाई जन्म की मिठाई से, शुरू हुआ एक मेल श्राद्ध पर आ कर, ख़त्म हुआ वो खेल और विडम्बना ये है कि, जिसके नाम का मीठा […]

आज है मन खिन्न कवि का देख चारों ओर अपने घिर गई बेरोजगारी धूल में यौवन के सपने। देखकर उस दुर्दशा को क्या लिखें, कैसे लिखें, पढ़ रहे हैं, डिग्रियां हैं, बस पुलिंदे ही दिखें। […]

कभी दिशा, कभी निर्भया,कभी मनीषा ,नन्ही बच्ची कोई, बस नाम अलग-अलग,कहानी सबकी एक, हर घड़ी डर का साया, ना जाने मर्द तुझे किस बात का घमंड है छाया, अबला होने का हर रोज एहसास करवाते […]

आँखों में जब उमड़ है उठता बीता हुआ अतीत फिजाओं में तब गूंज हैं उठते भूले-बिसरे गीत एक-एक कर स्मृति में वो पल घुमड़-घुमड़ आ आते हैं ना जाने अब कहाँ खो गये वो पल […]

अश्क मेरे, नैन तेरे बूंद निकली, कब गिरी यह, तू बता दे, बात क्या है, मैं समझता, हूँ नहीं यह। चूक मत यूँ, बोल दे अब। जो हो कहना, आज ही कह। कल कहेंगे, कल […]

भोजपुरी देवी गीत (धोबी गीत ) – होई माई के नजरिया | मुंहवा काहे फुलवलु गोरी चला मेला के डहरिया | हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया | हम घुमाइब तोहके ना झारखंड […]