*कलम अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम*

कलम गढ़ो अविराम सत्यता,
ना डिगो निडर निर्भीक चलो।
यह कलम धार निरंतर बनी रहे,
उर प्रबल वेग नित जोश भरो।।
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लिखो पुण्य गाथा वीरों की,
कुछ जीवन अपना धन्य करो।
यशगान करो मां भारती का,
देशप्रेम की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करो।।
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उकेरो अल्फ़ाज़ कोरे कागज पर,
अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनो।
लेखनी का ना हो दुरुपयोग,
दीन दुखियों असहायों की पीड़ा लिखो।।
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हे! कलम लिखो प्रेरक विचार,
स्वर्णिम अक्षर इतिहास गढ़ो।
मोहताज नहीं लेखनी कभी किसी की,
स्वच्छंद चलो,आजाद रहो,आबाद रहो।।

स्वरचित मौलिक रचना
✍️… अमिता गुप्ता
कानपुर, उत्तर प्रदेश

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  1. हे! कलम लिखो प्रेरक विचार,
    स्वर्णिम अक्षर इतिहास गढ़ो।
    मोहताज नहीं लेखनी कभी किसी की,

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