कैसे होते है ऐसे माँ बाप

मैं उस वक्त हैदराबाद में होटल मैनेजमेंट कर रहा था। एक गरीब माता पिता दो साल की बच्ची को ले कर आया और मुझ से कहा – इस बच्ची के दूध के लिए मेरे पास पैसे नहीं है। दस रुपये है तो दे दीजिए। मुझे दया आ गयी। क्योंकि वह बच्ची मुझे बहुत ही गौर से देख रही थी। देखने में भी सुंदर व मासूम लग रही थी। मै उसे पाँच सौ रुपये देते हुए कहा – बच्ची को दूध पिलाना और आप लोग भी कुछ खा लेना। दो घंटे बाद मै अपने कमरे से निकल कर बाहर निकला ही था कि, अचानक पुन: उन लोगों पर नजर पड़ी। दोनों पति पत्नी पास के ही एक सिंधी के दूकान पर बैठ कर सिंधी पी रहे थे। वह बच्ची एक तरफ बैठ कर रो रही थी। शायद उसे भूख लगी हुई थी। वह दोनों नशे में ख्याली पुलाव पकाने में मस्त थे। मैं यह देख कर सोचने लगा – इस नादान बच्ची की भविष्य आगे की ओर क्या होगी ? जिनके माँ बाप हीअपनी संतान को मोहरा बना कर भीख मांगते है, और उस पैसो को अपनी अय्याशी में खर्च कर देते है। वह बच्ची बार बार अपने माँ बाप के पास जाती थी। मगर उन दोनों को इतना होश कहाँ था जो, उसे गोद में भी उठा सके। एक तरफ बाप लूढ़क रहा था तो दूसरी तरफ उस बच्ची की माँ।


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10 Comments

  1. vivek singhal - December 1, 2020, 6:59 pm

    👌👌👌👏👏👏

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 1, 2020, 7:49 pm

    मार्मिक चित्रण

  3. Satish Pandey - December 1, 2020, 10:09 pm

    सुन्दर चित्रण

  4. Pragya Shukla - December 1, 2020, 10:29 pm

    मैं तो यही सोंच रही हूँ
    वह उस बच्ची के माँ-बाप ही थे या!!!
    और यदि थे तो शर्मशार कर दिया है माँ-बाप की देवता वाली छवि को…
    सोंचनीय रचना…

  5. Pragya Shukla - December 1, 2020, 10:29 pm

    मैं तो यही सोंच रही हूँ
    वह उस बच्ची के माँ-बाप ही थे या!!!
    और यदि थे तो शर्मशार कर दिया है माँ-बाप की देवता वाली छवि को…
    सोंचनीय रचना…

  6. Praduman Amit - December 2, 2020, 7:22 pm

    Shukriya Pragya iee sameeksha ke liye abhar.

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