मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे,
वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे।
हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना,
जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से करना।
हाथ की लकीरें का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है,
कर्म हो अच्छे तो भाग्य भी खुद ही सुधर जाती है।
बेफिक्र होकर हमेशा बुलंदियों पर निगाह रखना,
उठ गये जो कदम तो अब पीछे क्या हटना।।
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.