ख़तावार

कोई तो बताये कहाँ है वो,
मुद्दत से उनका दीदार ना हुआ।
तड़प रहा हूँ मैं दिन-रात,
फिर कैसे कहूँ बेकरार ना हुआ।।

हमें तो कब से है इंतजार,
पर उन्हीं से इकरार ना हुआ।
दिन को सुकून ना रात को चैन,
फिर कैसे कहूँ प्यार ना हुआ।।

जब सामने उसे पाया तो,
खुद पे हमें एतबार ना हुआ।
कुछ भी ना कह सका उससे,
फिर कैसे कहूँ ख़तावार ना हुआ।।

देवेश साखरे ‘देव’


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23 Comments

  1. Amod Kumar Ray - December 30, 2019, 2:05 pm

    बहुत सुन्दर

  2. Pankaj Singh - December 30, 2019, 3:05 pm

    सुन्दर

  3. Naresh - December 30, 2019, 3:09 pm

    बहुत सुन्दर

  4. Ishita Jain - December 30, 2019, 3:11 pm

    nice

  5. Antariksha Saha - December 30, 2019, 3:37 pm

    Sundar

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 30, 2019, 4:28 pm

    Nice

  7. Abhishek kumar - December 30, 2019, 9:04 pm

    Good

  8. Pragya Shukla - December 30, 2019, 9:13 pm

    Awesome

  9. Panna - December 30, 2019, 9:49 pm

    बहुत खूब

  10. Kanchan Dwivedi - December 31, 2019, 7:47 pm

    Nice one

  11. Pragya Shukla - January 1, 2020, 9:55 pm

    Awesome

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