खुल के प्यार करते हैं

हम आंखों से नहीं
मुख से बात करते हैं
जिसे चाहते हैं
खुल के प्यार करते हैं।
यह न समझो कि हम
इजहार नहीं करते हैं,
बड़ों के सामने
थोड़ा लिहाज करते हैं।
नुमाइश नहीं करते
सरे बाजार हम
बिठाकर दिल के भीतर
प्यार तुम्हें करते हैं।
हम आंखों से नहीं
मुख से बात करते हैं
जिसे चाहते हैं
खुल के प्यार करते हैं।

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Responses

    1. आपके द्वारा की गई समीक्षा और उत्साहवर्धन हेतु आभार व्यक्त करने को शब्द भी कम पड़ रहे हैं। आपकी समीक्षा शक्ति की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। सादर अभिवादन गीता जी

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