गुनाह

गुनाह

गुनाह तो कोई बहुत बड़ा कर रहा हूँ मैं,
सबकी नज़रों से होकर गुज़र रहा हूँ मैं,

राही अंजाना

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8 Comments

  1. ashmita - September 11, 2019, 4:01 pm

    Nice

  2. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 4:42 pm

    आप कमाल लिखते हो

  3. Poonam singh - September 11, 2019, 4:44 pm

    Nice

  4. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 8:50 pm

    बहुत अच्छे

  5. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 10:16 pm

    वाह बहुत सुंदर

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