चांद भी फीका पड़ गया

चाँद भी फीका पड़ गया
तेरे छत पे आने के बाद।
सूरज भी नभ में ढक गया
जुल्फ घटा लहराने के बाद।।
कोयल भी सुनकर मौन है
तेरे सरगम गाने के बाद।
‘विनयचंद ‘ सब पा लिया
एक तुझको पाने के बाद।।


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6 Comments

  1. Rishi Kumar - October 12, 2020, 1:02 pm

    वाह सर 👌✍✍

  2. Pragya Shukla - October 12, 2020, 3:57 pm

    Bahut khoob

  3. Geeta kumari - October 12, 2020, 4:29 pm

    वाह भाई जी बहुत ख़ूब , बहुत ही सुन्दर चित्रण किया है ।

  4. Satish Pandey - October 12, 2020, 4:53 pm

    बहुत खूब , सुन्दर अभिव्यक्ति शास्त्री जी

  5. Suman Kumari - October 12, 2020, 8:37 pm

    सुन्दर

  6. Anuj Kaushik - October 12, 2020, 11:04 pm

    वाह क्या बात है सर

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