चांद भी फीका पड़ गया

चाँद भी फीका पड़ गया
तेरे छत पे आने के बाद।
सूरज भी नभ में ढक गया
जुल्फ घटा लहराने के बाद।।
कोयल भी सुनकर मौन है
तेरे सरगम गाने के बाद।
‘विनयचंद ‘ सब पा लिया
एक तुझको पाने के बाद।।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

कभी बादलों से

कभी बादलों से कभी बिजलिओं से बनती है सरगम कलकल बहते पानी चलती हवाओं से बनती है सरगम इठलाती घूमती बेटियां होती झंकार बनती है…

कभी बादलों से

कभी बादलों से कभी बिजलिओं से बनती है सरगम कलकल बहते पानी चलती हवाओं से बनती है सरगम इठलाती घूमती बेटियां होती झंकार बनती है…

Responses

New Report

Close