जब छूटेंगे हम तीरों से

कितने भी जुल्म तुम कर लो,
बांध दो कितनी ही जंजीरो से
मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में
जब छूटेंगे हम तीरों से


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

In One Word.....Butterfly!

Related Posts

7 Comments

  1. Ajay Amitabh Suman - March 22, 2019, 1:16 pm

    छोटी पर अच्छी रचना

  2. राही अंजाना - March 22, 2019, 1:36 pm

    Wah

  3. देवेश साखरे 'देव' - March 23, 2019, 6:00 pm

    बहुत खूब

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:17 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

Leave a Reply