तान छेंड़ मुरली की गीत नया गा गया ( माधुर्य से अलंकृत )

तान छेंड़ मुरली की
गीत नया गा गया
मेरी झुर्रियों भरे
यौवन में कसाव आ गया
पपीहे पीह-पीह
बजने लगी जब
कान बीच
मृदंग बजे जीवन में
यों उछाल आ गया
मटकी धर सीस
चली कुंज गली राधिका
अधरों धर मुरली
प्रज्ञा’ मेरा श्याम आ गया
आज हुई प्रीत की जो
बात रात सपनों में
मुझको भी याद
मेरा प्रथम प्यार आ गया….


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10 Comments

  1. neelam singh - April 7, 2021, 11:22 pm

    तान छेंड़ मुरली की
    गीत नया गा गया
    मेरी झुर्रियों भरे
    यौवन में कसाव आ गया
    पपीहे पीह-पीह
    बजने लगी जब
    कान बीच
    मृदंग बजे जीवन में
    यों उछाल आ गया
    मटकी धर सीस
    चली कुंज गली राधिका
    अधरों धर मुरली…
    ध्वन्यात्मक, लयबद्ध कलात्मक माधुर्य पूर्ण रचना
    श्रीकृष्ण और गोपियों के प्रेम पर लिखी सुंदर कविता

    • Pragya Shukla - April 8, 2021, 12:07 am

      सुंदर समीक्षा हेतु ढेर सारा धन्यवाद

  2. neelam singh - April 7, 2021, 11:22 pm

    सुंदर शब्दावली तथा शिल्प

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 8, 2021, 9:19 am

    अतिसुंदर भाव

    • Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:02 pm

      धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ

  4. Geeta kumari - April 8, 2021, 4:24 pm

    तान छेंड़ मुरली की
    गीत नया गा गया
    मेरी झुर्रियों भरे
    यौवन में कसाव आ गया
    ________ श्री कृष्ण और गोपियों पर लिखी हुई कवि प्रज्ञा जी की सुंदर रचना

  5. Ajay Shukla - April 9, 2021, 9:56 am

    अद्धभुत अभिव्यक्ति

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