तेरी अंगड़ाई

चाँद की सूरत, तेरी सूरत रानाई।
होश उड़ा ले गई मेरी, तेरी अंगड़ाई।

तारीफ करूँ क्या तेरे अहदे-शबाब की,
जुबां बंद कर गई मेरी, तेरी अंगड़ाई।

सारी रात बीती करवटें बदलते – बदलते,
सहरे-नींदें चुरा ले गई मेरी, तेरी अंगड़ाई।

पायल की छन-छन, चूड़ियों की खन-खन,
सब्रो-सुकूं छीन ले गई मेरी, तेरी अंगड़ाई।

वस्ले-सनम से पहले ही कहीं ‘देव’,
जां न ले ले मेरी, तेरी अंगड़ाई।।

देवेश साखरे ‘देव’

1.सूरत- तरह, चेहरा, 2.रानाई- सुन्दर

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15 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 17, 2019, 11:41 am

    अतिसुंदर

  2. Ashmita Sinha - November 17, 2019, 3:00 pm

    Nice

  3. nitu kandera - November 17, 2019, 5:31 pm

    nice

  4. Poonam singh - November 17, 2019, 5:36 pm

    Wah

  5. राही अंजाना - November 17, 2019, 6:00 pm

    बढ़िया

  6. NIMISHA SINGHAL - November 17, 2019, 7:00 pm

    Nice

  7. Abhishek kumar - November 23, 2019, 10:29 pm

    बहुत खूब

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