न बोलिये बात ऐसी

न बोलिये बात ऐसी कि
डर जायें हम,
आपको देखकर चूक
कर जायें हम।
देखिए लाल आंखों से
यूँ मत हमें,
जिससे कि सचमुच
सिहर जायें हम।


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5 Comments

  1. MS Lohaghat - January 3, 2021, 8:20 am

    माह दिसम्बर के सर्वश्रेष्ठ कवि बनने की बहुत बहुत बधाई।

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 3, 2021, 9:05 am

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  3. Geeta kumari - January 3, 2021, 10:31 am

    बहुत सुंदर हास्य कविता, कवि ने झूठ मूट का डर दिखाकर हंसाने की कोशिश की है जो सफल हुई है , काबिले तारीफ रचना

  4. Piyush Joshi - January 3, 2021, 7:41 pm

    बहुत ही शानदार कविता

  5. Pragya Shukla - January 3, 2021, 10:18 pm

    बहुत खूब

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