मां रोती है

नन्हे से बच्चे को जब
सड़क पर चाय बेचते देखती हूं
इक बहन सिसकती है
मां रोती है
मेरे अंदर


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

भोजपुरी चइता गीत- हरी हरी बलिया

तभी सार्थक है लिखना

घिस-घिस रेत बनते हो

अनुभव सिखायेगा

6 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 3, 2020, 10:56 am

    उत्तम

  2. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 1:55 pm

    Very nice lines

  3. Satish Pandey - September 3, 2020, 3:12 pm

    बहुत खूब, कवि हृदय में इस तरह की संवेदना लाजमी है। वाह

  4. Suman Kumari - September 3, 2020, 5:53 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  5. Rishi Kumar - September 3, 2020, 11:33 pm

    ✍👍

  6. tiwari brother - September 6, 2020, 4:45 pm

    बहुत खूब लिखा है

Leave a Reply