मुक्तक

तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता!

तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता!

मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी,

दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता!

 

Composed by महादेव

 


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Lives in Varanasi, India

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1 Comment

  1. Sridhar - August 2, 2016, 12:01 pm

    bahut khoob

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