वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह

वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह
जिंदगी हमें मिली हमेशा बस उनकी तरह

फूलों के तसव्वुर में भी हुआ उनका अहसास
आये वो मेरी जिंदगी में खिलती कली की तरह

जब से दी जगह खुदा की उनको दिल में हमने
याद करना उनको हो गया इबादत की तरह

डूब गया दिल दर्द ए गम ए महोब्बत में
बहा ले गयी हमें साहिल ए इश्क में लहरो की तरह

हुई जब रुह रुबरु उनसे जिंदगी ए महफिल में
समा गयी वो मेरी रुह में सांसो की तरह

Comments

5 responses to “वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह”

  1. राम नरेशपुरवाला

    क्या बात है

  2. राम नरेशपुरवाला

    Wah

  3. Kanchan Dwivedi

    Nice

  4. Satish Pandey

    अतिसुन्दर

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