सफर

सफर में चलने के लिए हमसफर चाहिए,
दिल से दिल का रिश्ता जोड़े दिलवर चाहिए,
अपनों को अपनों से जो जोड़कर रखें,
सुख दुःख में साथ निभाये ऐंसा दोस्त चाहिए।।

✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी

Published in मुक्तक

Related Articles

ओ मेरे हमसफर

मेरे हमसफर जो साथ हो मेरे जिंदगी भर के लिए, कभी दुःख में, कभी सुख में हमेशा साथ रहे मेरे, एक दुसरे का साथ हो…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अनमोल रिश्ता

दोस्ती (Friendship) एक अनमोल रिश्ता है, इस दुनिया में इस रिश्ते से दूजा कोई और रिश्ता नहीं है। मनुष्य अपने सम्पूर्ण जीवन में कई रिश्ते…

Happy Birthday to You Mam

सब की ज़िन्दगी मे कोई ना कोई इंसान ऐसा होता है जो सब से खास, सब से प्यारा होता है। चाहे वो मम्मी या पापा,…

Responses

New Report

Close