सरमाए

कभी इस तरफ देख लिया करो
हम कभी तुम्हारे सरमाए थे
हर ग्येर से बात करते हो
हम तोह तुम्हारे अपने थे


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5 Comments

  1. Abhishek kumar - August 1, 2020, 12:11 am

    गैर, तो
    अपने ही अपनों के दुश्मन बन जाते हैं गैर तो कुछ नहीं बिगाड़ पाता
    अपने ही कातिल बन जाते हैं।

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 1, 2020, 12:48 pm

    सामयिक परिवेश में सटीक बैठता है। देखने में छोटा पद है पर बड़ा गहरा भाव रखता है।
    खूब

  3. Satish Pandey - August 1, 2020, 1:31 pm

    बहुत सुंदर, लेखनी को सलाम

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